आगरा (एत्मादपुर)। ताजनगरी के एत्मादपुर तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को मानवता की एक मिसाल देखने को मिली। तीन दिनों से 70 फीट गहरे सूखे कुएं में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे दो बेजुबान पिल्लों को फायर ब्रिगेड की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, समय पर सूचना न मिल पाने के कारण दो अन्य पिल्लों ने कुएं के भीतर ही दम तोड़ दिया।
तीन दिन बाद पहुंची मदद
मामला एत्मादपुर बाईपास मार्ग स्थित ब्राइट लैंड कॉलोनी का है। यहाँ गर्ग कोल्ड स्टोरेज के पास एक निजी प्लॉट में बने 70 फीट गहरे सूखे कुएं में तीन दिन पहले श्वान के चार बच्चे गिर गए थे। शुक्रवार को जब वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने कुएं से पिल्लों के रोने की आवाज सुनी, तो उसने पुलिस और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी दी।
नगरपालिका की लाचारी, दमकल का साहस
सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहले नगरपालिका को सूचित किया, लेकिन संसाधनों के अभाव का हवाला देते हुए नगरपालिका कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद बरहन स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन को सूचना दी गई। अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर के निर्देशन में दोपहर 2 बजे टीम मौके पर पहुंची।
जहरीली गैस के बीच जोखिम भरा रेस्क्यू
गहरे कुएं में जहरीली गैस होने की आशंका थी, जिसकी जांच नीम की पत्तियां और जलती मोमबत्ती नीचे लटकाकर की गई। गैस न होने की पुष्टि के बाद, फायर ब्रिगेड के जांबाज जवान हिमांशु रस्सी और हार्नेस के सहारे 70 फीट नीचे उतरे। हिमांशु ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दो जीवित पिल्लों को बाहर निकाला। कुएं के तल पर दो अन्य पिल्ले मृत पाए गए, जिन्हें बाहर निकालकर दफनाया गया।
कैस्पर होम और स्वयंसेवकों का सहयोग
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कैस्पर होम की टीम, ध्वजा फाउंडेशन और स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, सीमा विवाद और सूचना के अभाव में रेस्क्यू शुरू होने में देरी को लेकर कुछ सवाल भी उठे। सुरक्षित निकाले गए पिल्लों को क्षेत्रीय चौकीदार को सौंप दिया गया है।
साहसी जवान होगा पुरस्कृत
अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर ने जवान हिमांशु के अदम्य साहस की सराहना करते हुए उन्हें विभाग की ओर से पुरस्कृत करने की अनुशंसा की है। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खुले कुएं को अस्थायी रूप से ढकवा दिया है और प्लॉट मालिक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

