आगरा। वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास होने के बाद भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशफाक सैफी को सोशल मीडिया के जरिए लगातार धमकियां दी जा रही हैं। अपशब्दों का प्रयोग कर उन्हें गालियां भी दी जा रही हैं। उधर सैफी के गुन्नौर में रहने वाले बहनोई के साथ जुमे की नमाज के दौरान मारपीट किये जाने की खबर भी है।
वक्फ संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद उत्तर प्रदेश में हालांकि किसी भी जिले से किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की सूचना तो नहीं है, लेकिन भाजपा समर्थक मुस्लिम नेताओं को सोशल मीडिया पर धमकियों के साथ ही गालियों की बौछार जरूर की जा रही है।
अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशफाक सैफी ने स्वयं इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें आज सुबह से ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की धमकियां दी जा रही हैं। गालियां दी जा रही हैं। कुछ लोगों ने तो उन्हें व्हाट्सएप तक पर धमकियां और गालियां दी हैं। किसी एक व्यक्ति ने तो ऒडियो भेजकर धमकाया है। उन्होंने बताया कि संभल जिले के गुन्नौर में रहने वाले उनके बहनोई जाहिद अली आज जुमे की नमाज अदा करने मस्जिद गये हुए थे, जहां कुछ लोगों ने उनके साथ महज इसलिए मारपीट कर दी कि वे उनके बहनोई हैं।
श्री सैफी ने इन सब हरकतों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ये सब कराने वाले दूसरे ही लोग हैं, जो सीधे-सादे गरीब मुस्लिमों को भड़काते हैं। उन्होंने कहा कि सीएए के समय भी मुस्लिमों को इसी तरह भड़काया गया था कि सरकार तुम्हारी नागरिकता छीन लेगी। सीएए को लागू हुए तीन साल हो गये, मुस्लिमों को भड़काने वाले ये नहीं बताते कि क्या किस मुस्लिम की नागरिकता छिनी है।
उन्होंने कहा कि अब यही लोग मुस्लिमों को वक्फ संशोधन विधेयक पर यह कहकर भड़का रहे हैं कि तुम्हारी मस्जिदें और कब्रिस्तान छिन जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीएए की तरह वक्फ विधेयक पर भी जल्द मुस्लिमों की समझ में आ जाएगा कि ये तो उनके लिए हितकारी है।