आगरा। ताजनगरी के ऐतिहासिक राजामंडी स्थित प्राचीन मां चामुण्डा देवी मंदिर में सोमवार को भक्ति, शक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था वार्षिक मेले के शुभारंभ और भव्य कलश यात्रा का। सिर पर मंगल कलश, हाथों में श्रद्धा का श्रीफल और लबों पर ‘जय माता दी’ के जयकारों के साथ करीब 3 हजार से अधिक महिला श्रद्धालुओं ने इस यात्रा में शिरकत कर पूरे शहर को मय कर दिया।
पीत वस्त्रों में निकली ‘शक्ति’ की टोली
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि हेमा भगोर ने मां चामुण्डा के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। मंदिर परिसर से जब कलश यात्रा निकली, तो नजारा अलौकिक था। पीत (पीले) वस्त्र धारण किए महिलाएं सिर पर सजे-धजे कलश लेकर मंगल गान करते हुए आगे बढ़ रही थीं। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की मधुर धुन पर झूमते भक्तों ने वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी।
भक्ति पथ पर पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
यह विशाल यात्रा मंदिर से शुरू होकर न्यू राजामंडी, तोता का ताल, लोहामंडी चौराहा, बल्देवगंज, राजामंडी रेलवे फाटक और सेंट जॉन्स चौराहा होते हुए पुनः मंदिर पहुँची। पूरे मार्ग में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। फूलों से सजी मां भगवती की मनमोहक झांकी और सतरंगी रोशनी से नहाया मंदिर परिसर आकर्षण का केंद्र रहा।
आगामी कार्यक्रम: छप्पन भोग और जागरण
महन्त वीरेन्द्र नाथ ब्रह्मचारी ने आगामी धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 1 अप्रैल को मंदिर में भव्य फूल बंगला सजाया जाएगा और मां को छप्पन भोग लगाया जाएगा। 2 अप्रैल को विशाल देवी जागरण का आयोजन होगा, जिसमें ख्यातिलब्ध कलाकार माता रानी का गुणगान करेंगे। 3 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से विशाल भण्डारा आयोजित किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र सिंह भगोर, संयोजक राहुल राज, भानू शर्मा, विष्णु चौधरी और समस्त मंदिर कमेटी का विशेष सहयोग रहा। कलश यात्रा के साथ ही अब मंदिर में चैत्र नवरात्र और वार्षिक मेले की रौनक परवान चढ़ने लगी है।

