आगरा: ‘स्वयं से पहले आप’ (Not Me But You) के आदर्श वाक्य को चरितार्थ करते हुए दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट (DEI) की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाइयों के सात दिवसीय विशेष शिविर का सोमवार को भव्य समापन हुआ। संस्थान की 35 इकाइयों के हजारों स्वयंसेवकों ने पिछले एक सप्ताह से आगरा के विभिन्न ग्रामीण इलाकों और बस्तियों में सेवा, शिक्षा और स्वच्छता का जो अभियान चलाया, उसने समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है।
7 दिन की सेवा यात्रा: स्वच्छता से लेकर साक्षरता तक
शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर धरातल पर कार्य किया। उन्होंने गोद लिए गए गांवों और बस्तियों में सघन स्वच्छता अभियान चलाया। सार्वजनिक स्थलों की सफाई के साथ-साथ ग्रामीणों को ‘कचरा मुक्त भारत’ और ‘जल संरक्षण’ के महत्व को समझाया।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
स्वयंसेवकों ने ग्रामीण बच्चों के लिए विशेष साक्षरता कक्षाएं आयोजित कीं, जिसमें खेल-खेल में पढ़ाई के प्रति रुचि जगाई गई। इसके अलावा, स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें लघु कौशल (Short-term Skills) का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे अपनी आय बढ़ा सकें।
अनुशासन और सेवा का संगम
समापन समारोह की शुरुआत NSS लक्ष्य गीत और प्रार्थना के साथ हुई। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन सात दिनों ने उनकी सोच और समाज के प्रति उनके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, क्षेत्रीय पार्षद भरत शर्मा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
समन्वयक ने थपथपाई पीठ
NSS समन्वयक डॉ. सुनेश्वर प्रसाद ने सभी कार्यक्रम अधिकारियों और छात्र-छात्राओं के अनुशासन और समर्पण की प्रशंसा की। संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने संदेश दिया कि वास्तविक शिक्षा वही है जो समाज के अंतिम व्यक्ति के काम आए। उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि शिविर समाप्त होने के बाद भी सेवा का यह जज्बा कभी कम नहीं होना चाहिए।

