आगरा। ताजनगरी आगरा के आगरा से सटे रुनकता गांव में बुधवार शाम करीब पांच बजे एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव की शिव वाटिका के पीछे स्थित डंपिंग एरिया के पास कूड़े के ढेर में एक अज्ञात नवजात बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
स्थानीय लोगों ने जब कचरे के ढेर के पास पड़ी मासूम की देह देखी, तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसी की आंखों में आंसू थे, तो किसी के चेहरे पर गुस्सा और बेबसी साफ झलक रही थी। तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
कूड़े के ढेर पर पड़ी नवजात बच्ची की देह कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या बच्ची जन्म के साथ ही मृत थी, या फिर सामाजिक दबाव, लोकलाज और बेटियों के प्रति भेदभावपूर्ण सोच ने किसी को इतना निर्दयी बना दिया कि उसने एक नवजात को मरने के लिए छोड़ दिया?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्ची नवजात अवस्था में ही पाई गई है। फिलहाल आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अमानवीय कृत्य के पीछे कौन जिम्मेदार है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
यह घटना केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर एक गहरा सवाल भी है। जिस समाज में बेटियों को देवी का स्वरूप माना जाता है, वहीं एक मासूम बच्ची को कूड़े में फेंक दिया जाना इंसानियत को झकझोर देने वाला दृश्य है।
घटना के बाद रुनकता गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग स्तब्ध हैं और यही सवाल कर रहे हैं कि अगर एक नवजात को जीने का अधिकार भी नहीं दिया जा सकता, तो समाज किस दिशा में बढ़ रहा है। मासूम बच्ची की यह दुखद मौत समाज को आईना दिखा गई है, अब देखना यह है कि हम इस सच्चाई को स्वीकार कर उसमें सुधार की दिशा में कदम उठाते हैं या नहीं।

