आगरा: जमीनी विवाद और कथित पुलिसिया उत्पीड़न से तंग आकर विषाक्त पदार्थ (जहर) का सेवन करने वाले पिनाहट के किसान ब्रजमोहन शर्मा के मामले ने आखिरकार शासन-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सोशल मीडिया पर किसान का दर्दनाक वीडियो वायरल होने के बाद, शनिवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और पुलिस आयुक्त (CP) दीपक कुमार ने मामले का त्वरित संज्ञान लिया। दोनों उच्चाधिकारियों ने पीड़ित पक्ष को बुलाकर न केवल उनकी समस्या सुनी, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय का ठोस भरोसा भी दिलाया।
डीएम ने गठित की जांच कमेटी, मौके पर होगी पैमाइश
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने किसान ब्रजमोहन को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर उनके साथ हुए अन्याय की पूरी जानकारी ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से एक जांच कमेटी गठित की है:
जांच नेतृत्व: अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) जुबेर बेग को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
मौके पर एक्शन: राजस्व टीम और लेखपाल को विवादित भूमि पर जाकर तत्काल पैमाइश करने के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शिता: डीएम ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
पुलिस कमिश्नर का आश्वासन: ‘झूठे मुकदमे होंगे खत्म’
दूसरी ओर, पीड़ित ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से भी मुलाकात की। किसान का आरोप था कि विरोध करने पर विपक्षी गुट ने मिलीभगत कर उन पर झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए हैं। पुलिस आयुक्त ने आश्वस्त किया कि इन सभी मुकदमों की दोबारा और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में मुकदमे फर्जी पाए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत समाप्त (Expunge) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि पिनाहट निवासी बुजुर्ग किसान ब्रजमोहन शर्मा ने बीते दिन अपनी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे और प्रशासनिक सुनवाई न होने से आहत होकर जहर खा लिया था। अस्पताल जाने से पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने सीएम पोर्टल से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक गुहार लगाने और विफल रहने की कहानी सुनाई थी। वीडियो में मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उनकी बेबसी साफ झलक रही थी, जिसने पूरे जिले में आक्रोश पैदा कर दिया था।
अब जगी न्याय की किरण
जिले के दो सबसे बड़े अधिकारियों की सीधी दखल के बाद अब बुजुर्ग किसान और उनके परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। फिलहाल किसान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासनिक टीम पैमाइश के लिए पिनाहट रवाना होने की तैयारी में है। यह मामला एक बार फिर तहसील स्तर पर होने वाली जनसुनवाई की खामियों को उजागर कर रहा है, जिसके चलते एक अन्नदाता को आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।

