आगरा। ताजनगरी के दवा व्यापार के मुख्य केंद्र फव्वारा स्थित माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स में औषधि विभाग (Drug Department) की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। 22 फरवरी को की गई इस छापेमारी की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। विभाग को परिसर से लावारिस हालत में 6 कार्टन संदिग्ध दवाएं बरामद हुई हैं, जिनमें से 5 कार्टन में 54 प्रकार की ‘सैंपल दवाएं’ मिली हैं। इन दवाओं की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3.20 लाख रुपये बताई जा रही है।
बंद गोदामों पर टिकी विभाग की नजर
कार्रवाई के दौरान टीम को दो गोदाम बंद मिले थे, जिन्हें संदेह के आधार पर तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन गोदामों को जल्द ही खोला जाएगा ताकि यह पता चल सके कि इनके भीतर प्रतिबंधित या अवैध दवाओं का स्टॉक तो नहीं है। इस बीच, रिचा मेडिकल एजेंसी के संचालक ने विभाग से संपर्क कर जांच में सहयोग का भरोसा दिया है, जबकि दूसरे गोदाम संचालक ने बीमारी का हवाला दिया है।
6 मेडिकल एजेंसियों से लिए गए नमूने
ड्रग विभाग ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स की कई प्रमुख एजेंसियों पर भी जांच की। टीम ने निम्नलिखित फर्मों से दवाओं के नमूने (Samples) संकलित किए हैं:
न्यू भगवती मेडिकल एजेंसी
राजधानी ड्रग हाउस
ओम ड्रग हाउस
भगवती ड्रग सेंटर
तनु मेडिकल एजेंसी
विश्वनाथ फार्मा
इन सभी सैंपल्स को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया है। हालांकि, रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा।
लावारिस कार्टन ने खड़े किए सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स जैसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र में लावारिस हालत में स्पासमो प्राक्सीवान प्लस (पेट दर्द की दवा) और अन्य सैंपल दवाओं के कार्टन किसने और कब रखे? आशंका जताई जा रही है कि विभाग की आहट पाकर किसी कारोबारी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए इन्हें वहां छोड़ दिया। ड्रग विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने और गोदाम खुलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

