Agra News: फतेहपुर सीकरी की दूरा गौशाला में कोहराम, मृत गौ वंश की संख्या बढ़कर हुई 21, जहर की आशंका से विभाग में हड़कंप

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फतेहपुर सीकरी/आगरा: थाना क्षेत्र के ग्राम दूरा में संचालित एक निजी गौशाला में गोवंश की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को शुरू हुआ यह दर्दनाक मंजर सोमवार सुबह तक और भयावह हो गया, जब मृत गायों की कुल संख्या 21 तक पहुँच गई। अचानक हुई इस सामूहिक मौत की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और प्रशासन अब ‘विषाक्तता’ (Poisoning) के कोण से मामले की जांच में जुट गया है।

​चरने गई थीं गायें, लौटकर आए शव

​गांव दूरा निवासी महावीर बाबा पिछले 30 वर्षों से इस निजी गौशाला का संचालन कर रहे हैं, जहाँ बेसहारा गोवंश की सेवा की जाती है। रविवार दोपहर जब उनका पुत्र और एक सहायक गायों को पास के खेत में चरा रहे थे, तभी अचानक गायें एक-एक कर जमीन पर गिरने लगीं। देखते ही देखते मौके पर ही डेढ़ दर्जन से अधिक गोवंश ने दम तोड़ दिया। सोमवार सुबह तक यह आंकड़ा बढ़कर 21 हो गया, जबकि 4 गायें अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।

​हाई-लेवल जांच टीम मौके पर, विसरा रिपोर्ट का इंतजार

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर डेरा डाल दिया है। अपर निदेशक डॉ. देवेंद्रपाल सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. अरुण कुमार और डॉ. कुशलपाल सिंह की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तोमर के नेतृत्व में टीम ने बीमार गायों का उपचार शुरू किया है। डॉक्टरों का प्राथमिक अनुमान है कि मौत का कारण विषाक्तता (जहर) हो सकता है। मृत गोवंश के रक्त और बिसरा (Viscera) के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह जहरीला चारा था या कोई अन्य साजिश।

आर्थिक संकट में संचालक, ग्रामीणों में भारी रोष

महावीर बाबा अपनी निजी आय और दूध बिक्री से इस सेवा कार्य को चला रहे थे। इस घटना ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर दिया है। मौके पर पहुँचे ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गुड्डू चाहर, समाजसेवी अरविंद चाहर, विपिन अग्रवाल और पंडित विनोद शर्मा सहित अन्य प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पीड़ित गौशाला संचालक को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।

​प्रशासन की कार्रवाई

​विभाग के निर्देश पर मृत गोवंश का सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार करा दिया गया है। पुलिस और प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या चराई वाले क्षेत्र में किसी ने जानबूझकर कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं डाला था।