Agra News: यमुना ब्रिज मालगोदाम पर रैक रोकने से सीमेंट व्यापारियों में आक्रोश, रेलवे के फैसले को बताया ‘व्यापार विरोधी’

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आगरा। यमुना ब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट रैक के प्लेसमेंट पर अचानक लगाई गई रोक को लेकर आगरा के सीमेंट कारोबारियों में भारी नाराजगी है। व्यापारियों ने रेलवे पर बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक माल ढुलाई व्यवस्था को बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया है। नेशनल चैम्बर के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक अन्य मालगोदामों पर पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो जातीं, तब तक यमुना ब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट रैक का संचालन बंद करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने इस फैसले को न केवल व्यापार के लिए घातक, बल्कि रेलवे के राजस्व और प्रधानमंत्री के ‘तेल बचाओ, रेल बढ़ाओ’ अभियान के भी विपरीत करार दिया।

​डीआरएम ने बैठक का दिया आश्वासन

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने प्रेसवार्ता में कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) आगरा, महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज और भारत सरकार के रेल मंत्री को भी पत्र भेजे जा चुके हैं। उन्होंने स्वयं मंडल रेल प्रबंधक से दूरभाष पर विस्तार से वार्ता की है, जिस पर डीआरएम ने चैम्बर प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर इसका ठोस समाधान निकालने का सकारात्मक आश्वासन दिया है।

​यमुना ब्रिज पर पांच लाइनें उपलब्ध, फिर भी रोक से बढ़ी परेशानी

चैम्बर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यमुना ब्रिज मालगोदाम पर रैक लगाने के लिए रेलवे की पांच लाइनें पहले से उपलब्ध हैं। इनमें से दो लाइनों पर आरडब्ल्यूसी के पक्के वेयरहाउस बने हुए हैं, जहां आयातकर्ता सुरक्षित रूप से माल उतार सकते हैं। इसके बावजूद सीमेंट रैक के प्लेसमेंट पर अचानक रोक लगा दी गई, जिससे व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक तैयारी के इस प्रकार का निर्णय व्यापारिक गतिविधियों को पूरी तरह प्रभावित कर रहा है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

​बरसात से पहले कवर्ड शेड बनाना अनिवार्य, खुले में खराब होगा सीमेंट

रेलवे प्रकोष्ठ के चेयरमैन एस.एन. अग्रवाल ने चेताया कि सीमेंट एक ऐसा उत्पाद है जिसकी गुणवत्ता ठंडी हवा और नमी के संपर्क में आते ही प्रभावित हो जाती है। इसलिए जिन मालगोदामों पर सीमेंट रैक का संचालन किया जाता है, वहां मजबूत कवर्ड शेड होना अनिवार्य है। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कुबेरपुर मालगोदाम की दोनों लाइनों पर किसी भी प्रकार का कवर्ड शेड उपलब्ध नहीं है। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे में वहां सीमेंट रैक उतारना पूरी तरह अव्यावहारिक और जोखिम भरा होगा। उन्होंने मांग की कि वर्षा ऋतु से पहले वहां तत्काल कवर्ड शेड का निर्माण कराया जाए।

कीठम स्टेशन का निर्णय स्वागत योग्य, पर सुविधाओं के बिना समाधान नहीं

चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि रेलवे द्वारा कीठम रेलवे स्टेशन को विकसित करने का निर्णय स्वागत योग्य कदम है, लेकिन वहां अभी भी मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। ऐसी स्थिति में वहां सीमेंट रैक के संचालन में अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि आगरा में प्रतिदिन औसतन तीन से पांच सीमेंट रैक की मांग रहती है, लेकिन यमुना ब्रिज मालगोदाम के बंद होने के बाद पूरा दबाव कुबेरपुर गुड्स शेड पर आ गया है। इस कारण रेलवे को बार-बार सीमेंट रैक के इंडेंट पर रोक लगानी पड़ रही है।

​महीने में केवल पांच दिन मिल रहा इंडेंट, आपूर्ति हुई ठप

मनीष अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान अव्यवस्था के चलते व्यापारियों को पूरे महीने में केवल लगभग पांच दिन ही सीमेंट रैक का इंडेंट करने का मौका मिल पा रहा है। इतने कम समय में पूरे महीने की आपूर्ति करना संभव नहीं है। कुबेरपुर गुड्स शेड पर रैक खाली करने में दो से तीन दिन का समय लग रहा है, जिससे रैक डिटेंशन लगातार बढ़ रहा है और आयातकर्ताओं को अनावश्यक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

​रेलवे को करोड़ों का नुकसान, सड़क मार्ग बना मजबूरी

प्रेसवार्ता में यह भी स्पष्ट किया गया कि उत्तर प्रदेश के सीमेंट व्यापार में आगरा का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। यहां से प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा नेपाल सीमा तक सीमेंट की आपूर्ति की जाती है। व्यापारियों का दावा है कि पिछले महीने की तुलना में इस बार रेल मार्ग से लगभग 25 प्रतिशत कम सीमेंट का आयात हो पाया है। मजबूरन कंपनियों को एटा और अलीगढ़ स्थित संयंत्रों से सड़क मार्ग द्वारा माल मंगाना पड़ रहा है। इससे रेलवे को करोड़ों रुपये के राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है।

जिलाधिकारी को भी सौंपा जाएगा ज्ञापन

अंत में चैम्बर ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि रेलवे से संबंधित इन समस्याओं से जिलाधिकारी आगरा को भी अवगत कराया जाएगा और प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कराकर शीघ्र समाधान की मांग की जाएगी।

प्रेसवार्ता में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, रेलवे प्रकोष्ठ के चेयरमैन एस.एन. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल सहित मनोज कुमार गुप्ता, रवि अग्रवाल, राजीव कुमार, सुरेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अनिल वार्ष्णेय, दिलीप कुमार, मुकेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल और नितीन अग्रवाल समेत अनेक व्यापारी मौजूद रहे।