Agra News: आंबेडकर विवि की मार्कशीट पर ‘जाति’ देख भड़के छात्र, निजता के उल्लंघन का आरोप लगाकर खोला मोर्चा

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आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला प्रथम सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा के परिणामों से जुड़ा है, जहाँ विश्वविद्यालय द्वारा जारी मार्कशीट में ‘कैटेगरी’ सेक्शन के अंतर्गत छात्रों की जाति (Caste) प्रदर्शित कर दी गई है। छात्र नेताओं ने इसे छात्रों की निजता (Privacy) का गंभीर उल्लंघन बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया है।

​’कैटेगरी’ की जगह जाति: आखिर चूक कहाँ हुई?

आमतौर पर विश्वविद्यालय की मार्कशीट में ‘कैटेगरी’ कॉलम का उपयोग परीक्षा के प्रकार (जैसे- रेगुलर, प्राइवेट या री-एग्जाम) को दर्शाने के लिए किया जाता है। लेकिन इस बार जारी हुए परिणामों में छात्रों की जाति अंकित देख छात्र और संगठन हैरान रह गए। छात्र नेताओं का आरोप है कि यह न केवल तकनीकी चूक है, बल्कि छात्रों को सामाजिक रूप से वर्गीकृत करने का एक अनुचित प्रयास भी है।

​पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने घेरा प्रशासन

​पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव शर्मा ने इस मुद्दे पर परीक्षा नियंत्रक से सीधे मुलाकात कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने तीखे सवाल उठाते हुए कहा, “विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है, यहाँ छात्रों को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सीधे तौर पर छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी और निजता के साथ खिलवाड़ है।”

विश्वविद्यालय की सफाई: ‘समर्थ पोर्टल’ पर फोड़ा ठीकरा

​विवाद बढ़ता देख परीक्षा नियंत्रक ने सफाई पेश की कि वर्तमान परीक्षा परिणाम ‘समर्थ पोर्टल’ के माध्यम से तैयार और जारी किए गए हैं, जिससे यह तकनीकी त्रुटि संभव है। हालांकि, गौरव शर्मा ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि पोर्टल कोई भी हो, छात्रों के प्रति जवाबदेही और डेटा की शुचिता बनाए रखने की अंतिम जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की ही है।

​आंदोलन की दी चेतावनी

​विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान आशीष प्रिंस, अभिषेक कुमार और आरव पांडे सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे। छात्र संगठनों ने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही मार्कशीट में सुधार कर नई अंकतालिकाएं जारी नहीं की गईं, तो विश्वविद्यालय की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी और एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।