Agra News: वाटर पार्क में 9 वर्षीय मासूम की डूबकर मौत, प्रबंधन की लापरवाही पर भड़के परिजन

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आगरा: खंदौली थाना क्षेत्र में स्थित ‘ब्लू व्हेल वाटर पार्क’ बुधवार को एक खौफनाक हादसे का गवाह बन गया। गर्मी की छुट्टियों का लुत्फ उठाने दोस्तों के साथ पूल में उतरा 9 वर्षीय अभि, काल के गाल में समा गया। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि वाटर पार्क प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोलकर रख दी है।

खेल-खेल में मौत के आगोश में समाया मासूम

छोटा गुड़ा गांव निवासी 9 वर्षीय अभि बुधवार दोपहर को अपने चचेरे भाई प्रशांत और गांव के अन्य साथियों—विकास, रवि, दिनेश और हरिओम के साथ पुरा लोधी स्थित ब्लू व्हेल वाटर पार्क पहुंचा था। शाम करीब चार बजे जब सभी बच्चे स्विमिंग पूल में अठखेलियां कर रहे थे, तभी अभि अनजाने में गहरे पानी की ओर चला गया। जैसे ही वह डूबने लगा, उसके साथियों ने शोर मचाकर कर्मचारियों से गुहार लगाई, लेकिन मदद मिलने में बहुत देर हो चुकी थी।

​परिजनों का आरोप: जान बचाने से ज्यादा वीडियो बनाना था जरूरी

मृतक के परिजनों ने वाटर पार्क के कर्मचारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, जब बच्चे मदद के लिए चिल्ला रहे थे, तब वहां मौजूद कर्मचारी आपदा प्रबंधन के बजाय घटना का वीडियो बनाने में मशगूल थे। काफी देर बाद जब बच्चे को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मानवीय संवेदना की कमी ने परिजनों के गुस्से को और भड़का दिया.

​परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश, परिसर में हंगामा

बेटे की असामयिक मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अभि तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था और दूसरी कक्षा में पढ़ता था। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने वाटर पार्क प्रबंधन के खिलाफ जमकर बवाल काटा। मृतक के पिता राकेश ने संचालक केशव के खिलाफ खंदौली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, हादसे के तुरंत बाद संचालक के फरार होने की भी चर्चा है।

​सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कई वाटर पार्क बिना किसी वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ब्लू व्हेल वाटर पार्क में न तो प्रशिक्षित लाइफगार्ड्स की तैनाती थी और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक साल पहले भी यहां एक बच्चे की डूबने से मौत हुई थी, बावजूद इसके प्रबंधन ने सबक नहीं लिया और लापरवाही जारी रही।

पुलिस की कार्रवाई: वाटर पार्क सील, मामले की जांच शुरू

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। इस दौरान पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्वयं पूरे परिसर का गहन निरीक्षण किया। फिलहाल, वाटर पार्क को बंद कर दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसीपी ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।