आगरा डीएम का स्कूलों को अल्टीमेटम: वेबसाइट पर डालें फीस और ड्राइवरों का ब्यौरा, मनमानी की तो रद्द होगी मान्यता

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आगरा: ताजनगरी के निजी स्कूलों में अभिभावकों के शोषण और मनमानी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘जिला शुल्क नियामक समिति’ की बैठक में डीएम ने स्कूल संचालकों और प्रिंसिपल्स को स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन होने पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि FIR और मान्यता रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

वेबसाइट पर सार्वजनिक होगा ‘कच्चा-चिट्ठा’

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक स्कूल को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर निम्नलिखित जानकारियां दर्ज करनी होंगी:

​स्कूल फीस का पूर्ण विवरण (शैक्षणिक भ्रमण, परिवहन और अन्य सभी शुल्क)।

​प्रिंसिपल का मोबाइल नंबर और स्कूल वाहनों के ड्राइवरों का पूरा ब्यौरा।

​वाहनों का परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और प्रदूषण (PUC) प्रपत्र।

यूनिफॉर्म और किताबों की ‘सेटिंग’ खत्म

डीएम ने साफ किया कि स्कूलों द्वारा किसी विशिष्ट दुकान से ही सामान खरीदने के लिए बाध्य करना अब नहीं चलेगा।

यूनिफॉर्म: स्कूल का ‘लोगो’ हर जगह सुलभ होना चाहिए ताकि अभिभावक कहीं से भी ड्रेस सिलवा सकें। हर साल अनावश्यक ड्रेस नहीं बदली जाएगी।

किताबें: अगर छात्र के पास पुरानी किताबें हैं, तो उसे नई खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। स्कूल परिसर के भीतर टेक्स्ट बुक या कॉपी की बिक्री पर भी सख्त नजर रहेगी।

परिवहन सुरक्षा: 1 से 15 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान

​स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए डीएम ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

​बिना परमिट वाहन: बिना परमिट और फिटनेस वाले वाहनों में बच्चों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई स्कूल ऐसे वाहनों से आने वाले बच्चों को प्रवेश देता है, तो उसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी।

​अल्पायु चालक: 18 साल से कम उम्र के छात्र यदि वाहन लेकर स्कूल आते हैं, तो संबंधित प्रिंसिपल की जवाबदेही तय होगी।

RTE दाखिलों पर जीरो टॉलरेंस

शिक्षा का अधिकार (RTE) एक्ट 2009 के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी करने वाले स्कूलों को डीएम ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र बच्चों का तत्काल प्रवेश लिया जाए और किसी भी बहाने से अभिभावकों को परेशान न किया जाए।

​बैठक में सीडीओ श्रीमती प्रतिभा सिंह, एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान, डीआईओएस चंद्रशेखर और बीएसए जितेंद्र गौंड़ सहित सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।