आगरा DBRAU छलेसर कैंपस में खूनी संघर्ष: बी-फार्मा छात्र पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद हुई दबंगों की करतूत, कुलपति ने लिया एक्शन

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​आगरा: डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (DBRAU) का छलेसर कैंपस शनिवार को अखाड़ा बन गया। कैंपस के भीतर बी-फार्मा के एक छात्र पर दबंग छात्रों ने जानलेवा हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। इस घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और हॉस्टल में व्याप्त गुंडागर्दी की पोल खोलकर रख दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. आशु रानी ने हमलावर छात्रों को डिबार (विश्वविद्यालय से निष्कासित) करने और तत्काल FIR दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।

​गणेश मंदिर के पास घेराबंदी, फिर खूनी हमला

​पीड़ित छात्र आकाश (बी-फार्मा) छलेसर स्थित बॉयज हॉस्टल में रहता है। आकाश का आरोप है कि शनिवार को जब वह कैंपस में था, तभी आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उसे गणेश मंदिर के पास घेर लिया।

बीटेक छात्र रविंद्र, आलोक और डी-फार्मा छात्र आकाश पर हमले का आरोप है। दबंगों ने आकाश के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसका सिर फट गया और वह लहुलुहान हो गया। यह पूरी वारदात कैंपस में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।

हॉस्टल में ‘आतंक’ का खुलासा: “नीचे फेंक देंगे”

​घायल आकाश ने अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर आपबीती सुनाई है। वीडियो में उसने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं आरोपी छात्र पिछले कई दिनों से आकाश को धमका रहे थे। आरोप है कि ये छात्र हॉस्टल में अन्य छात्रों के साथ भी गाली-गलौज और मारपीट करते हैं।

पीड़ित के अनुसार, इन दबंगों ने एक अन्य छात्र को हॉस्टल की बिल्डिंग से नीचे फेंकने तक की धमकी दी थी। छात्र लंबे समय से इनके डर से सहमे हुए थे।

कुलपति प्रो. आशु रानी का ‘हंटर’: जीरो टॉलरेंस की नीति

जैसे ही पीड़ित छात्र का वीडियो वायरल हुआ और मामला विवि प्रशासन तक पहुँचा, कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने कड़ा रुख अख्तियार किया।

​कुलपति का आदेश: “कैंपस में किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित की ओर से तुरंत पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय से डिबार कर बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।”

​कैंपस सुरक्षा पर उठे सवाल: कहाँ था प्रशासन?

​इस घटना ने विवि प्रशासन और हॉस्टल वार्डन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

​जब आरोपी छात्र पहले से धमकियां दे रहे थे, तो समय रहते उन पर लगाम क्यों नहीं कसी गई?

​क्या हॉस्टल में वार्डन और सुरक्षाकर्मियों का कोई नियंत्रण नहीं है?

छात्रों की सुरक्षा के दावे केवल कागजों तक ही क्यों सीमित हैं?

फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है और विवि प्रशासन आंतरिक अनुशासन समिति के माध्यम से निष्कासन की प्रक्रिया में जुट गया है।