अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमकने के बाद अब बड़े पर्दे पर आएगी ‘कुरिंजी’ (Kurinji), प्रवास और प्रतीक्षा की एक अनोखी दास्तां

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मुंबई। फिल्मकारवां, ईस्टर्न ईगल प्रोडक्शन और ब्लू मंडे प्रोडक्शंस ने मिलकर एक बेहद महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट ‘कुरिंजी’ की घोषणा की है। यह फिल्म न केवल भारतीय संवेदनाओं को समेटे हुए है, बल्कि इसे बर्लिनाले टैलेंट्स और गोवा फिल्म बाज़ार जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भी सराहा जा चुका है।

​क्या है ‘कुरिंजी’ की कहानी?

फिल्म केरल की रहने वाली ‘लाली’ के इर्द-गिर्द घूमती है। लाली का पति खाड़ी देश में काम करता है, जो अचानक 12 वर्षों बाद संपर्क तोड़ देता है। अपने पति को खोजने की जद्दोजहद में लाली एक स्थानीय टीवी प्रोग्राम की मदद लेती है। इस तलाश के दौरान उसे अपने पति के उन राज़ों का पता चलता है, जिनसे वह अब तक अनजान थी। फिल्म का शीर्षक नीलगिरि के उस ‘कुरिंजी’ फूल से प्रेरित है जो 12 साल में एक बार खिलता है, जो धैर्य और बदलाव का प्रतीक है।

वैश्विक स्तर पर मिल रही सराहना

निर्देशक पायल सेठी की इस कहानी ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। फ्रांस की निर्माता नथाली मेज़ुरे ने गोवा फिल्म बाज़ार में इस प्रोजेक्ट को देखते ही इससे जुड़ने का फैसला किया। इसके अलावा, एक जर्मन प्रोडक्शन कंपनी ने भी फिल्म में गहरी रुचि दिखाई है, जिससे यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण (Co-production) प्रोजेक्ट के रूप में उभर रहा है।

अकेलेपन और संघर्ष का चित्रण

निर्देशक पायल सेठी के अनुसार, “यह फिल्म उन लाखों महिलाओं की आवाज है जो पतियों के विदेश जाने के बाद अकेले रहकर पूरे परिवार का बोझ उठाती हैं।” फिल्मकारवां की निर्माता सोनाली बावा ने बताया कि फिल्म भारत की जमीनी हकीकत और महिलाओं के भावनात्मक संघर्ष को वैश्विक स्तर पर पेश करेगी।