ADA उपाध्यक्ष का ‘रौद्र’ रूप: 10 टाउनशिप के काम में सुस्ती पर ठेकेदारों को फटकार, फूड कोर्ट का लाइसेंस निरस्त

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आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की उपाध्यक्ष ने मंगलवार को रायपुर-रहनकलां इलाके में चल रही प्रमुख परियोजनाओं का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान कई जगह काम की रफ्तार बेहद धीमी, अव्यवस्था और गंदगी देखने को मिली, जिस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। लापरवाही पर ठेकेदारों को फटकार लगाई गई, वहीं रहनकलां टोल प्लाजा के फूड कोर्ट का संचालन निरस्त करने और कब्जा वापस लेने के निर्देश दिए गए।

टाउनशिप प्रोजेक्ट्स में सुस्ती, ठेकेदारों को चेतावनी

निरीक्षण की शुरुआत रायपुर-रहनकलां क्षेत्र में विकसित हो रही 10 टाउनशिप से हुई। 45 मीटर मास्टर प्लान रोड (पार्ट-ए) पर काम बेहद धीमा मिला और मौके पर ठेकेदार का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नाराजगी जताई गई।

पार्ट-बी में काम जारी मिला, लेकिन रफ्तार संतोषजनक नहीं थी। ठेकेदारों को मशीनें बढ़ाने और तय समयसीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए।

टाउनशिप-7 (नर्मदापुरम) में भी प्रगति उम्मीद से काफी कम पाई गई। यहां कटिंग और लेवलिंग का काम प्राथमिकता से पूरा करने और संसाधन बढ़ाने के आदेश दिए गए।

फूड कोर्ट में गंदगी, संचालन रद्द करने का फैसला

रहनकलां टोल प्लाजा स्थित फूड कोर्ट का निरीक्षण सबसे अहम रहा। यहां बाहर अवैध दुकानों की भरमार और अंदर किचन में गंदगी व अव्यवस्था पाई गई।

इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताते हुए उपाध्यक्ष ने तत्काल सभी अवैध दुकानों को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही फूड कोर्ट का संचालन निरस्त कर उसका कब्जा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।

नए टोल प्लाजा के लिए जून 2026 की समयसीमा

इनर रिंग रोड फेज-2 पर बन रहे नए टोल प्लाजा का भी निरीक्षण किया गया। यहां निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता सुधारने और आसपास सड़क को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

फास्टैग सिस्टम के लिए जल्द टेंडर जारी करने और टोल प्लाजा पर एडीए का लोगो लगाने के निर्देश भी दिए गए। सभी लंबित काम जून 2026 तक पूरे करने की सख्त डेडलाइन तय की गई है।

अधिकारियों को स्पष्ट संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

निरीक्षण के दौरान एडीए के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और कंसल्टेंट टीम मौजूद रही। उपाध्यक्ष ने साफ कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा। जहां भी कमी मिलेगी, वहां सीधे कार्रवाई की जाएगी।