मुंबई (अनिल बेदाग): जैसे-जैसे मई का महीना अपनी दस्तक दे रहा है, सूरज के तीखे तेवर आम जनजीवन को डराने लगे हैं। इस साल गर्मी केवल सामान्य नहीं, बल्कि ‘अति-प्रचंड’ होने वाली है। जाने-माने आचार्य अविनोद कुमार ने अपनी गणनाओं के आधार पर दावा किया है कि इस बार मई में गर्मी और लू (Heatwave) पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर सकती है। देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से कहीं अधिक रहने की आशंका है।
मई के पहले 20 दिन होंगे बेहद चुनौतीपूर्ण
आचार्य अविनोद कुमार के अनुसार, मई का शुरुआती पखवाड़ा और मध्य सप्ताह सबसे ज्यादा घातक साबित हो सकते हैं। इस दौरान तेज़ सूर्य किरणों और शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण दोपहर के समय घर से बाहर निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि शुष्क हवाओं और लू का यह लंबा दौर लोगों के स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
राहत के लिए करना होगा महीने के अंत तक इंतज़ार
भीषण गर्मी के बीच राहत की एक हल्की किरण भी दिखाई दे रही है। आचार्य की मानें तो मई के आखिरी सप्ताह (20 मई के बाद) में मौसम का मिजाज कुछ नरम पड़ सकता है। इस दौरान आंशिक बादल छाने और प्री-मानसून की शुरुआती गतिविधियों के चलते तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे झुलसते लोगों को अस्थायी राहत मिलेगी।
मानसून की दस्तक और बचाव के तरीके
मानसून को लेकर आचार्य अविनोद कुमार ने संकेत दिए हैं कि जून की शुरुआत से मध्य के बीच बारिश का दौर धीरे-धीरे स्थिर होगा। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि इस भीषण गर्मी से बचने के लिए हाइड्रेटेड रहें, दोपहर में अनावश्यक यात्रा से बचें और चरणबद्ध तरीके से मिलने वाली राहत का धैर्यपूर्वक इंतज़ार करें।
आचार्य ने कहा “प्रकृति के चक्र में इस बार गर्मी का वेग अधिक है। यह साल अचानक राहत का नहीं बल्कि धैर्य रखने का है। जून के मध्य तक ही प्रकृति अपनी शीतलता का पूर्ण वरदान देगी।”


