आगरा: ताजनगरी के हृदय स्थल राजा मंडी स्थित प्राचीन और सुप्रसिद्ध ‘पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर’ से एक बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर के मुख्य चौक की फॉल सीलिंग रविवार की देर रात अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। गनीमत यह रही कि यह हादसा उस समय हुआ जब मंदिर परिसर पूरी तरह खाली था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। यदि यह घटना दिन के समय या पूजा के दौरान हुई होती, तो परिणाम भयावह हो सकते थे।
श्रद्धा का केंद्र और बड़ा हादसा
राजा मंडी का यह जैन मंदिर शहर के प्राचीनतम और प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक है। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और वंदन के लिए एकत्रित होते हैं। जिस बड़े चौक में यह हादसा हुआ, वह मंदिर का मुख्य हिस्सा है जहाँ श्रद्धालु सामूहिक रूप से बैठकर पूजा-पाठ और अनुष्ठान करते हैं। रात के सन्नाटे में छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे पूरा चौक मलबे में तब्दील हो गया।
सुबह कपाट खुलते ही मचा हड़कंप
सोमवार सुबह जब मंदिर के पट खोले गए, तो वहां की तस्वीर देख सेवादार और श्रद्धालु सन्न रह गए। चौक में हर तरफ फॉल सीलिंग का मलबा और पीओपी बिखरी पड़ी थी। जैसे ही हादसे की खबर फैली, मंदिर कमेटी के पदाधिकारी और स्थानीय जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
ईश्वरीय कृपा से टली जनहानि
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने इसे ‘भगवान का आशीर्वाद’ बताया कि यह घटना रात के वक्त हुई। भक्तों का कहना है कि अक्सर सुबह और शाम के समय यहाँ सैकड़ों लोगों की मौजूदगी रहती है, ऐसे में यह हादसा किसी बड़े अनिष्ट का कारण बन सकता था। मंदिर प्रबंधन अब छत के बाकी हिस्सों की जांच और मरम्मत कार्य में जुट गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।


