आगरा। शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क स्थित मजार को स्थानांतरित करने का कार्य मंगलवार सुबह से शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त निगरानी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संचालित की जा रही है। इस निर्णय से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
मजार शिफ्टिंग का कारण और पृष्ठभूमि
आगरा कॉलेज के पास स्थित यह मजार लंबे समय से चर्चा और विवाद का केंद्र थी। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्य के दौरान जब फुटपाथ को तोड़कर सड़क चौड़ी की गई, तो यह मजार सड़क के बीचों-बीच आ गई। इसके कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी। स्थानीय स्तर पर और नगर निगम सदन में भी भाजपा पार्षदों द्वारा इसे हटाने की मांग बार-बार उठाई गई थी।
अदालती हस्तक्षेप और प्रशासनिक सक्रियता
इस मामले में कानूनी लड़ाई भी लड़ी गई। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर के माध्यम से अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर किया था। याचिका में सड़क के बीच धार्मिक ढांचे के होने से यातायात में आ रही बाधा और सुरक्षा कारणों का उल्लेख किया गया था।
न्यायाधीश श्वेत्शा चंद्रा की अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता को समन जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।
शांतिपूर्ण सहमति का मार्ग
प्रशासन के अनुसार, पूर्व में इसे हटाने के प्रयासों का विरोध हुआ था, लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने अत्यंत सावधानी और संवेदनशीलता बरतते हुए मुस्लिम पक्ष के जिम्मेदार लोगों के साथ निरंतर वार्ता की। आपसी सहमति और शांतिपूर्ण समझौते के बाद ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया को हरी झंडी दी गई। इसी कारण कार्रवाई के दौरान मौके पर किसी भी तरह का तनाव देखने को नहीं मिला।
यातायात के लिए मिलेगी बड़ी राहत
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे से ही भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच मजार को हटाने का कार्य शुरू हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसएन इमरजेंसी से नालबंद चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया। प्रशासन का मानना है कि एमजी रोड जैसे महत्वपूर्ण मार्ग से यह बाधा हटने के बाद हजारों वाहन चालकों को जाम से मुक्ति मिलेगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
दूसरी लेन की मजार पर भी है नजर
शहर के प्रबुद्धजन और स्थानीय लोग इस पहल का स्वागत कर रहे हैं। गौरतलब है कि एमजी रोड की दूसरी लेन पर भी एक मजार स्थित है, जिस पर लंबे समय से अतिक्रमण के सवाल उठाए जाते रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा की गई यह पहल एक सकारात्मक संकेत है और भविष्य में अन्य यातायात बाधाओं को भी इसी तरह आपसी सहमति से सुलझाया जाना चाहिए।


