आगरा। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 ने शुक्रवार को आगरा में अभ्यर्थियों की बौद्धिक क्षमता के साथ-साथ प्रशासनिक और यातायात व्यवस्था की भी कड़ी परीक्षा ली। एक तरफ परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर को मध्यम से कठिन बताते हुए जीके और गणित के सवालों को काफी चुनौतीपूर्ण करार दिया, तो दूसरी तरफ हजारों परीक्षार्थियों और उनके परिजनों की अचानक हुई आवाजाही से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई। सुबह से हो रही तेज बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। एमजी रोड, सिकंदरा, बोदला, शाहगंज और सुल्तानगंज पुलिया जैसे व्यस्त इलाकों में वाहन रेंगते हुए नजर आए।
शुक्रवार को पहली पाली का पर्चा सुबह 10 बजे प्रारंभ होकर दोपहर 12 बजे संपन्न हुआ। परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों के अनुसार, सामान्य ज्ञान (जीके) के प्रश्नों ने उन्हें सबसे ज्यादा छकाया। गणित के सवाल भी उम्मीद से अधिक कठिन और उलझाने वाले थे, जबकि रीजनिंग के कुछ प्रश्नों को हल करने में अभ्यर्थियों का काफी समय बर्बाद हुआ। हालांकि, कुछ परीक्षार्थियों की राय अलग रही और उन्होंने पेपर को सामान्य स्तर का बताया।
जीके और गणित के सवालों ने बढ़ाई मुश्किल
परीक्षा केंद्रों के बाहर आए अभ्यर्थियों ने पर्चे को लेकर अलग-अलग अनुभव साझा किए। एक अभ्यर्थी ने बताया कि प्रश्नपत्र कुल मिलाकर संतुलित था, लेकिन रीजनिंग के कुछ घुमावदार सवालों ने परेशानी खड़ी की और जीके के प्रश्नों का स्तर भी काफी गहरा था। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी का कहना था कि पेपर का स्तर ठीक था, लेकिन सामान्य ज्ञान के प्रश्नों ने काफी कठिनाई पैदा की। गणित भी अनुमान से अधिक कठिन महसूस हुई। उधर, लखनऊ से आगरा पहुंचे एक अभ्यर्थी ने बताया कि यह उनका पहला प्रयास था। उनके अनुसार पेपर अच्छा रहा, हालांकि गणित के कुछ कठिन सवालों को हल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अभ्यर्थियों की इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि इस बार जीके और गणित के खंड ने ही परीक्षा के स्तर को चुनौतीपूर्ण बनाया, जबकि रीजनिंग ने भी छात्रों का समय खींचा।
49 केंद्रों पर 45,552 अभ्यर्थियों की परीक्षा
आगरा जिले में PET-2026 के सफल आयोजन के लिए कुल 49 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर दो अलग-अलग पालियों में कुल 45,552 अभ्यर्थियों के शामिल होने का खाका तैयार किया गया है। नियम के अनुसार, प्रत्येक पाली में 22,776 परीक्षार्थियों के बैठने का प्रबंध किया गया है। पहली पाली के अभ्यर्थियों को सुबह लगभग आठ बजे से ही केंद्रों के भीतर प्रवेश देना शुरू कर दिया गया था। केंद्रों के मुख्य द्वार पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। सुबह तड़के से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके साथ आए अभिभावकों का हुजूम जमा होना शुरू हो गया था।
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, शांतिपूर्ण और नकलविहीन माहौल में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर सीधी नजर रखी गई। इसके अलावा, पूरी परीक्षा प्रणाली की निगरानी के लिए 49 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 49 स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक संचालित होगी। इसके पश्चात आगरा में PET की अगली परीक्षा एक नवंबर को निर्धारित की गई है।
परीक्षार्थियों की भीड़ से शहर की रफ्तार थमी
PET परीक्षा के कारण शुक्रवार को आगरा की प्रमुख सड़कों पर अचानक वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया। सुबह से ही पड़ोसी जिलों से अभ्यर्थियों के शहर में प्रवेश करने का सिलसिला लगातार जारी रहा। अपने-अपने परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने के लिए लोगों ने निजी वाहनों, बसों, ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लिया। इसके परिणामस्वरूप शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। एमजी रोड पर ट्रैफिक का सबसे भीषण दबाव देखा गया। सुल्तानगंज पुलिया से भगवान टॉकीज तक गाड़ियां चींटी की रफ्तार से चलती नजर आईं। सिकंदरा, बोदला और शाहगंज इलाकों में भी भीषण जाम के कारण लोगों को काफी देर तक फंसे रहना पड़ा। कोठी मीना बाजार सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी वाहनों का चक्का पूरी तरह थम गया।
पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकलने वाले छात्रों और दूसरी पाली में हिस्सा लेने आ रहे परीक्षार्थियों की दोहरी भीड़ के कारण सड़कों पर स्थिति और बिगड़ गई। कई प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मी गाड़ियों को निकालने और यातायात सुचारु करने के लिए भारी मशक्कत करते हुए दिखाई दिए।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी, जाम में फंसे परीक्षार्थी
शुक्रवार सुबह से जारी बारिश ने सड़क यातायात की समस्याओं को और गंभीर बना दिया। बारिश के कारण जलभराव और फिसलन होने से वाहनों की गति बहुत धीमी पड़ गई। जाम में फंसे अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और प्रयास लगाना पड़ा। परीक्षा के लिए दूसरे जिलों से आए छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तय समय पर परीक्षा हॉल तक पहुंचने की थी। कई अभ्यर्थी रास्तों में जाम के कारण काफी चिंतित और परेशान दिखे। वहीं, उनके साथ आए परिजन भी वाहनों में बैठे-बैठे लंबे समय तक इंतजार करने को मजबूर हुए।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने वसूला मनमाना किराया
शहर में अचानक बढ़े यात्रियों के दबाव और बिगड़ी व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ ऑटो व ई-रिक्शा चालकों पर मनमाना किराया वसूलने के गंभीर आरोप भी लगे। परीक्षार्थियों और उनके परिजनों का कहना था कि जाम और बारिश के बीच केंद्र तक समय पर पहुंचने की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे सामान्य से काफी अधिक भाड़ा लिया गया। दूर-दराज़ के जिलों से आए अभ्यर्थियों के पास समय कम था, लिहाजा उन्हें विवश होकर मन मांगे दाम देकर केंद्रों तक जाना पड़ा। इससे पहले से ही तनावझेल रहे परीक्षार्थियों की परेशानियां और ज्यादा बढ़ गईं।
स्कूलों की छुट्टी के बावजूद सड़कों पर रहा दबाव
PET परीक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने यातायात पर पड़ने वाले संभावित असर को भांपते हुए कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों में शुक्रवार के स्थान पर गुरुवार को ही छुट्टी घोषित कर दी थी। सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को बंद रखने का स्पष्ट आदेश जारी किया गया था, ताकि परीक्षा वाले दिन सड़कों पर स्कूली वाहनों का अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसके बावजूद, पड़ोसी जिलों से भारी संख्या में परीक्षार्थियों और उनके परिजनों के आगमन से शहर के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर अपने जवान तैनात किए थे, लेकिन भीड़ की अधिकता और बारिश की वजह से यातायात सामान्य बनाए रखने में काफी जटिलता आई।
प्रशासन की तरफ से आम जनता से यह अपील भी की गई कि बहुत आवश्यक कार्य होने पर ही मुख्य मार्गों का रुख करें। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक होने के चलते शाम के वक्त भी परीक्षार्थियों की आवाजाही जारी रहने की संभावना जताई गई। ऐसा अनुमान है कि देर शाम सात बजे तक शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बना रह सकता है।
इस प्रकार PET-2026 की पहली पाली जहां परीक्षार्थियों के लिए जीके और गणित के कठिन सवालों की चुनौती लेकर आई, वहीं इस बड़े आयोजन ने आगरा के प्रशासनिक व ट्रैफिक प्रबंधन के दावों की भी पोल खोलकर रख दी। अब दूसरी पाली के दौरान यातायात को सामान्य बनाए रखना प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
