मुंबई: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, ब्याज दरों (Interest Rates) में जारी उतार-चढ़ाव और बदलते बाजार परिवेश के बीच फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए शानदार कमाई के अवसर लेकर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में केवल इक्विटी पर निर्भर रहने के बजाय इक्विटी, डेट और कीमती धातुओं (जैसे सोना) में संतुलित एवं मल्टी-एसेट निवेश करना पोर्टफोलियो को मजबूती देने की सबसे कारगर रणनीति साबित हो सकता है।
आकर्षक ब्याज दरों का दौर और निवेशकों के लिए अवसर
एक्सिस म्यूचुअल फंड (Axis Mutual Fund) के हेड–फिक्स्ड इनकम देवांग शाह के अनुसार, मौजूदा ब्याज दरों का स्तर निवेशकों को एक आकर्षक और स्थिर आय अर्जित करने का बेहतरीन मौका दे रहा है। हालांकि, इस माहौल में बेहतर और सुरक्षित परिणाम हासिल करने के लिए बाजार की चाल को गहराई से समझना और एक अनुशासित निवेश रणनीति अपनाना बेहद जरूरी है।
देवांग शाह का कहना है “बाजार में यील्ड (Yield) को लेकर निकट अवधि में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को आकर्षक ब्याज आय और सही अवधि (Duration) प्रबंधन के बीच बेहतर संतुलन बनाकर चलना चाहिए।”
शॉर्ट से मीडियम ड्यूरेशन रणनीतियों पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू आर्थिक वृद्धि, खुदरा महंगाई दर (Inflation), सरकार की राजकोषीय नीतियां और वैश्विक बॉन्ड बाजार की गतिविधियां आने वाले समय में ब्याज दरों की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभाएंगी। इस बदलते परिदृश्य में निवेशकों को शॉर्ट से मीडियम ड्यूरेशन (Short to Medium Duration) रणनीतियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मल्टी-एसेट निवेश: जोखिम प्रबंधन का अचूक मंत्र
बाजार की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए ‘मल्टी-एसेट रणनीति’ को सबसे प्रभावी माना जा रहा है। इस संबंध में देवांग शाह ने बताया कि “मल्टी-एसेट रणनीति किसी एक एसेट क्लास पर पूरी तरह निर्भरता को कम करती है। यह आर्थिक विकास, नियमित आय और पोर्टफोलियो की स्थिरता के बीच एक बेहतरीन संतुलन कायम करने में मदद करती है।”
इसके बावजूद, वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह है कि हर निवेशक को किसी भी योजना में निवेश करने से पहले अपनी व्यक्तिगत जोखिम उठाने की क्षमता (Risk Appetite) और निवेश की समय-सीमा (Time Horizon) का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
-अनिल बेदाग
