आबूरोड। सुप्रसिद्ध पत्रकार और डीडी न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी को ‘राष्ट्र चेतना पुरस्कार’ से नवाजा गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि वह दस साल पहले यहां आए थे। इसी हॉल में उन्हें सुखद अनुभव हुआ और मानसिक शांति मिली। घर लौटकर उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने भीतर एक ट्रांसफॉर्मेशन लेकर आए हैं। इसके बाद उनके जीवन में सब कुछ अच्छा होता चला गया। उन्होंने कहा कि जिंदगी में उन्हें जितने भी मौके मिले, उनके पीछे ब्रह्माकुमारीज़ की ताकत है।
‘दिन-रात युद्ध की खबरों के बीच पॉजिटिव रहना बड़ी चुनौती’
सुधीर चौधरी ने कहा कि जब दिन-रात युद्ध की खबरें दिखानी पड़ती हों, तब खुद को सकारात्मक बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती होती है। सोशल मीडिया को उन्होंने एक अंधा कुआं बताया, जिसमें हम लगातार डूबते जा रहे हैं।
‘क्या खुद को बदलने की ताकत है हमारे पास?’
उन्होंने सवाल उठाया कि इंसान ने दुनिया को बदलने की ताकत तो हासिल कर ली है, लेकिन क्या खुद को बदलने की ताकत उसके पास है। उनके अनुसार आध्यात्मिकता की असली परीक्षा बंद कमरे में नहीं, बल्कि दुनिया के बीच होती है। जो लोग हमारे विचारों से मेल नहीं खाते, उनके साथ हमारा व्यवहार कैसा है, यही असली परीक्षा है।
‘इंटेलीजेंस बढ़ रही, विजडम घट रही’
सुधीर चौधरी ने कहा कि इंटेलीजेंस तो बढ़ रही है, लेकिन विजडम घट रही है। दुनिया का नवीनीकरण करने के लिए मानवीय मूल्यों और नई चेतना की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया में बदलाव के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन लोगों को समझना होगा कि सबसे पहले खुद में बदलाव लाना होगा।
