अखिलेश के बिना सब सूना है… बृजभूषण शरण सिंह ने की सपा प्रमुख की तारीफ, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा अभी से चढ़ने लगा है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी समेत तमाम राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीति को अमलीजामा पहनाने में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। इसी बीच, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के भीतर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर लगातार बयानबाजी का दौर चल रहा है। इस गरमागरम माहौल के बीच भाजपा के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह का एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने सूबे की सियासत में हलचल पैदा कर दी है और उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तारीफ कर सबको चौंका दिया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके तरह-तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठकों और चर्चाओं के बीच, उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के तालमेल को लेकर छिड़ी जुबानी जंग पर मीडियाकर्मियों ने जब बृजभूषण शरण सिंह से प्रतिक्रिया मांगी, तो उनका अंदाज काफी दिलचस्प रहा।

पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि कांग्रेस पार्टी यह दावा कर रही है कि वह आगामी चुनाव में 150 से कम सीटों पर समझौता नहीं करेगी और इतने पर चुनाव नहीं लड़ेगी। इस तीखे सवाल पर पूर्व भाजपा सांसद ने मुस्कुराते हुए बेहद तंजिया और कटाक्ष भरे अंदाज में कहा, ‘अखिलेश के बिना सब सूना है…’ उनका यह संक्षिप्त लेकिन असरदार बयान और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।

​इस वायरल बयान के सामने आते ही उत्तर प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक और नेता इसके अपने-अपने ढंग से कयास लगा रहे हैं। कोई इसे सीधे तौर पर यूपी में अखिलेश यादव की बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता और स्वीकार्यता से जोड़कर देख रहा है, तो वहीं कुछ राजनीतिक पंडित यह दावा करने से भी नहीं चूक रहे हैं कि शायद बृजभूषण सिंह का भारतीय जनता पार्टी से मोहभंग होना शुरू हो गया है।

हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं है जब बृजभूषण शरण सिंह का कोई बयान सियासी गलियारों में इतनी चर्चा का विषय बना हो। इससे पहले भी वह अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दान-पुण्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बेबाक राय रख चुके हैं। उन बयानों के आने के बाद भी इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि क्या वह पार्टी से बगावत कर सकते हैं या भाजपा से अलग राह चुन सकते हैं।

​दूसरी तरफ, यथार्थिक स्थिति यह है कि बृजभूषण शरण सिंह का एक बेटा वर्तमान में भाजपा से विधायक है और दूसरा बेटा पार्टी के टिकट पर सांसद है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि परिवार की इस पृष्ठभूमि को देखते हुए उनका खुद का भाजपा का दामन छोड़कर पूरी तरह अलग होने की संभावना बेहद कम है, लेकिन उनके ऐसे बयान अक्सर पार्टी के भीतर और बाहर नए समीकरणों की चर्चा जरूर छेड़ देते हैं।