उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की महिलाओं को दी गई फ्री बस सेवा का लाभ उठाने के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकार की घोषणा के तहत महिलाओं को 28, 29 और 30 अगस्त तक मुफ्त बस यात्रा का लाभ मिलना था, लेकिन जमीनी स्तर पर कुप्रबंधन के चलते महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस दौरान सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें महिलाएं और आम लोग सरकार की इस व्यवस्था के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज कराते नजर आए। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पूरी योजना को कड़े शब्दों में ‘जुमला’ करार दिया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुछ महिलाएं यह दावा करती हुई दिखाई दे रही हैं कि सरकार ने भले ही बस सेवा मुफ्त करने का ऐलान किया है, लेकिन धरातल पर न तो रोडवेज की बसें समय पर रुक रही हैं और न ही महिलाओं को कोई बस मिल पा रही है। इस बदइंतजामी के कारण उन्हें भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
इसी वीडियो को साझा करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा, ‘कहने को मुफ़्त परिवहन, पर शहर-शहर परेशान बहन! रक्षाबंधन पर भाजपा की फ़्री बस सेवा भी जुमला निकली। उप्र की बहनें अब इसी बस में लादकर किसी को हमेशा के लिए गोरखपुर विदा कर देंगी।’
सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने आगे लिखा कि अब क्या मुख्यमंत्री जी बसों पर बुलडोजर चलवाएंगे या फिर परिवहन व्यवस्था के पूरी तरह से फेल हो जाने के बाद अधिकारियों का निलंबन करके उनका एनकाउंटर करेंगे? इसके साथ ही उन्होंने जनता के बीच चर्चा का हवाला देते हुए यह भी कहा कि लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि रक्षाबंधन के महत्वपूर्ण दिन पर सड़कों पर यात्री बसों से कहीं अधिक संख्या में गोवंश घूमते हुए दिखाई दे रहे थे।
