आगरा में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: ‘पैसा लो’ फाइनेंस कंपनी के पांच ठिकानों पर सर्वे, 30 से अधिक अधिकारियों की टीमें वित्तीय दस्तावेजों की जांच में जुटी

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आगरा: ताजनगरी आगरा में आयकर विभाग (Income Tax Department) ने गुरुवार को एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए ‘पैसा लो’ (Paisalo) फाइनेंस कंपनी के शहरभर में स्थित पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ व्यापक सर्वे अभियान शुरू किया। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से वित्तीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। तीस से अधिक आयकर अधिकारियों और कर्मचारियों की पांच अलग-अलग टीमों ने कंपनी के विभिन्न परिसरों में पहुंचकर वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों, डिजिटल डेटा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बेहद बारीकी से जांच-पड़ताल शुरू की।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग को पिछले काफी समय से इस फाइनेंस कंपनी के वित्तीय लेनदेन और कर संबंधी मामलों को लेकर तमाम शिकायतें और इनपुट्स मिल रहे थे। इन्हीं गोपनीय सूचनाओं के आधार पर प्रधान आयकर आयुक्त मनोज कुमार लाल के कुशल निर्देशन और आयकर रेंज-2 के नेतृत्व में विभागीय टीमों ने शहर के पांच परिसरों पर एक साथ धावा बोला।

इन प्रमुख ठिकानों पर चल रही है जांच

​आयकर विभाग की टीमों ने ‘पैसा लो’ कंपनी के गांधीनगर स्थित प्रधान कार्यालय और संजय प्लेस के परिसरों के अलावा कमलानगर, सिकंदरा-बोदला रोड पर स्थित देवीराम स्वीट्स के पास बने बागला अपार्टमेंट तथा एक अन्य परिसर पर एक साथ दबिश दी। एडिशनल कमिश्नर नरेश चंद्र और डिप्टी कमिश्नर आशिमा महाजन के नेतृत्व में गठित करीब तीस से अधिक लोगों की पांच टीमें वित्तीय लेखे-जोखों को खंगालने में जुटी हुई हैं। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति या हंगामे से निपटने के लिए सभी संबंधित परिसरों के बाहर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। सर्वे की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही और विभागीय सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को भी इसके जारी रहने की पूरी संभावना है।

एसई इन्वेस्टमेंट कंपनी से जुड़ा है पुराना नाता

​सूत्रों से यह भी पता चला है कि ‘पैसा लो’ फाइनेंस कंपनी का नाता पूर्व में संचालित ‘एसई इन्वेस्टमेंट कंपनी’ (SE Investment Company) से जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि पहले संजय प्लेस क्षेत्र में एसई इन्वेस्टमेंट कंपनी का मुख्य कार्यालय हुआ करता था, जबकि वर्तमान में ‘पैसा लो’ कंपनी ने गांधीनगर में अपना मुख्य प्रधान कार्यालय बना रखा है। इस कंपनी का मुख्य व्यावसायिक कार्य लोगों को ब्याज पर ऋण (लोन) उपलब्ध कराना है। चर्चा यह भी है कि इस कंपनी के कर्ताधर्ता शहर के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान (दिल्ली पब्लिक स्कूल) से भी जुड़े बताए जा रहे हैं।

​फिलहाल, आयकर विभाग के अधिकारी कंपनी द्वारा आयकर नियमों के पूर्ण पालन और वित्तीय लेन-देन की सत्यता की जांच कर रहे हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने और दस्तावेजों का मिलान होने के बाद ही विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।