आगरा। छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वनाथ जैन बड़ा मंदिर में रविवार को भक्ति और धर्म का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहाँ दो दिवसीय ‘उपाध्याय पदारोहण दिवस’ एवं ‘जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया है। पहले दिन गणधर वलय विधान और ब्रह्मचारी मोहनलाल भैया की अलौकिक विनोली यात्रा मुख्य आकर्षण रही।
धार्मिक शिक्षा पर हुआ मंथन
महोत्सव की शुरुआत सुबह पाठशाला शिक्षक संगोष्ठी के साथ हुई। इस सत्र में नई पीढ़ी को जैन संस्कृति से जोड़ने, नैतिक मूल्यों के संवर्धन और संस्कारों के बीजारोपण पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आधुनिक युग में जैन धर्म के सिद्धांतों को अपनाकर ही हम समाज को एक बेहतर दिशा दे सकते हैं।
मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर
दोपहर को आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज और ब्रह्मचारी मोहनलाल भैया की उपस्थिति में ‘गणधर वलय विधान’ का आयोजन किया गया। पंडित राकेश जैन शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुए इस अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ भाग लिया। मंदिर परिसर दिन भर मंत्रोच्चार और जयघोषों से गूंजता रहा।
श्रद्धा का सैलाब: निकली भव्य विनोली यात्रा
शाम को जब ब्रह्मचारी मोहनलाल भैया की ‘विनोली यात्रा’ बग्घी पर सवार होकर निकली, तो दृश्य देखते ही बनता था। बैंड-बाजों की धुन और ‘जय महावीर’ के नारों के बीच यह यात्रा पार्श्वधाम पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर ब्रह्मचारी जी का भव्य स्वागत किया। इसके बाद संपन्न हुई ‘गोद भराई’ की रस्म में समाज के लोगों ने ब्रह्मचारी जी के उज्ज्वल आध्यात्मिक भविष्य की मंगलकामनाएं कीं।
दूसरे दिन की मुख्य गतिविधियां
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने जानकारी दी कि महोत्सव का समापन सोमवार, 6 जुलाई को होगा। इस दिन प्रातःकाल भव्य शोभायात्रा और ध्वजारोहण के साथ-साथ निर्यापक मुनि श्री शिवदत्तसागर जी महाराज का ‘उपाध्याय पदारोहण संस्कार’ और बाल ब्रह्मचारी मोहनलाल भैया का ‘जैनेश्वरी दीक्षा संस्कार’ संपन्न होगा। देश भर से जैन समाज के गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।
मंदिर समिति के मनोज जैन ‘बल्लो’, मुरारीलाल जैन, अनिल जैन कांटा, प्रवीन जैन, आयुष जैन, हेमंत जैन एवं अक्षय जैन सहित तमाम पदाधिकारी इस आयोजन की व्यवस्थाओं में पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।


