​राम मंदिर चढ़ावा मामला: विनय कटियार का बड़ा दावा, जांच के बाद चंपत राय को भी जाना पड़ सकता है जेल..

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अयोध्या/लखनऊ: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख रणनीतिकार और पूर्व सांसद विनय कटियार ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

चंपत राय पर साधा निशाना

विनय कटियार ने इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव के नाम चर्चा में आने की बात स्वीकार की। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जांच के निष्कर्ष दोषियों की ओर इशारा करते हैं, तो चंपत राय को भी जेल जाना पड़ सकता है। कटियार ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि उन्होंने अतीत में चंपत राय को कई सुझाव दिए थे, जिन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्होंने चंपत राय को कारसेवकपुरम में रहने और आवश्यकता पड़ने पर उनके घर आने तक की सलाह दी थी, लेकिन स्थितियां और दिशाएं बदल गईं।

प्रधानमंत्री से संपर्क और जांच पर भरोसा

विनय कटियार ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निरंतर संपर्क में हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जैसे ही स्थिति स्पष्ट होगी, केंद्र सरकार उचित और कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) किसी भी जटिल मामले की तह तक जाने के लिए समय लेता है, इसलिए जांच एजेंसियों को अपना काम निष्पक्ष रूप से पूरा करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

​बाबरी ढांचा विध्वंस का किया जिक्र

चढ़ावा मामले पर बात करते हुए कटियार ने बाबरी ढांचा विध्वंस की घटना को याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय के उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव से संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया था। कटियार के अनुसार, नरसिंह राव उस दौरान लगातार स्थितियों पर नज़र रख रहे थे और ढांचा गिरने के बाद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया भी दी थी।

वित्तीय अनियमितता पर जताई चिंता

विनय कटियार ने कहा कि इस मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है। आरोपी अविनाश के बारे में स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वह उस मुख्य समूह का हिस्सा नहीं थे, लेकिन यदि जांच में उनके या किसी अन्य के खिलाफ साक्ष्य मिलते हैं, तो किसी को भी कानून की कार्रवाई पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

​विनय कटियार के इस बयान ने राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर और बाहर एक नई बहस छेड़ दी है, जहाँ अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।