आगरा। नाई की मंडी स्थित कटरा हाथी शाह के श्री प्रेमनिधि मंदिर में अधिकमास मनोरथ महोत्सव के तहत ‘व्यंजन द्वादशी’ का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। गुरुवार को ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी (श्री बड़े गोविन्द) महाराज के समक्ष विविध प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भव्य महाभोग अर्पित कर प्रभु को लाड़ लड़ाया गया।
पुष्टिमार्ग के द्वितीय आचार्य विट्ठलनाथ जी (गोसाईं जी) द्वारा प्रारंभ की गई ‘व्यंजन द्वादशी’ की परंपरा वात्सल्य रस और लाड़-लड़ाने की भावना का अनुपम उदाहरण मानी जाती है। मान्यता है कि जिस प्रकार माता यशोदा बालकृष्ण को प्रेमपूर्वक विविध प्रकार के व्यंजन बनाकर खिलाती थीं, उसी मातृभाव को अनुभव कराने हेतु गोसाईं जी ने ठाकुर जी को अनगिनत प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित करने की यह दिव्य परंपरा प्रारंभ की थी।
अधिकमास के 12वें दिन आयोजित इस मनोरथ में ठाकुर जी के समक्ष कलात्मक ढंग से सजे व्यंजनों के विशाल थाल आकर्षण का केंद्र बने। मंदिर परिसर धूप, दीप, पुष्प सज्जा और भोग के पदों से भक्तिमय हो उठा।
पुष्टिमार्गीय कीर्तनकारों द्वारा भोग एवं सेवा से संबंधित पारंपरिक पदों का मधुर गायन किया गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में वात्सल्य भाव को सर्वोपरि माना गया है। गोसाईं जी द्वारा स्थापित उसी परंपरा का पालन करते हुए आज ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी को विशेष रूप से विविध प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया गया। प्रभु को नूतन वागा एवं बहुमूल्य आभूषणों से अलंकृत कर राजभोग के दिव्य दर्शन कराए गए।
सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि व्यंजन द्वादशी के अवसर पर ठाकुर जी के समक्ष विभिन्न प्रकार की मिठाइयों, मेवों, फलों, पकवानों एवं नमकीन व्यंजनों का विशेष भोग सजाया गया। कीर्तन सेवा एवं भोग दर्शन के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिरस में डूबा रहा।
मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि अधिकमास मनोरथ के अंतर्गत आयोजित व्यंजन द्वादशी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महाआरती के उपरांत सभी श्रद्धालुओं में ठाकुर जी की व्यंजन महाप्रसादी का वितरण किया गया।
मनोरथ के चरण सेवक मनोज गुप्ता रहे। इस अवसर पर प्रभु की सेवा एवं व्यवस्थाओं में मुख्य रूप से आशीष बल्लभ, सचेंद्र शर्मा, राजेश धाकड़, सागर शिवहरे, आदित्य पचौरी, अंकित शर्मा, हर्षुल आदि उपस्थित रहे।


