दिल्ली में क्वाड की बड़ी रणनीतिक बैठक: चीन की चुनौतियों के बीच इंडो-पैसिफिक में नई साझेदारी, फिजी पोर्ट और ऊर्जा सुरक्षा पर बनी सहमति

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​नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में आयोजित क्वाड (QUAD) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दी है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने साझा मंच पर क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी और रणनीतिक सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा की। इस बैठक में फिजी पोर्ट प्रोजेक्ट से लेकर क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति तक कई बड़ी पहलों पर सहमति बनी, जिसे चीन के बढ़ते दबदबे के जवाब में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

बैठक के प्रमुख बिंदु और नई पहल:

​फिजी में संयुक्त पोर्ट परियोजना: क्वाड देशों ने प्रशांत क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए फिजी में एक साझा पोर्ट परियोजना विकसित करने का निर्णय लिया है। इसे क्वाड की आधारभूत संरचना नीति (Infrastructure Policy) की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

​क्रिटिकल मिनरल्स और आपूर्ति श्रृंखला: खनिजों की आपूर्ति के लिए किसी एक देश पर निर्भरता को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बताते हुए चारों देशों ने खनन, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

​ऊर्जा सुरक्षा और निगरानी: ‘इंडो-पैसिफिक एनर्जी सिक्योरिटी इनिशिएटिव’ के माध्यम से समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाने की योजना है। साथ ही, रियल टाइम डेटा शेयरिंग और समुद्री निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

​चीन पर परोक्ष प्रहार और वैश्विक चिंता

​बैठक में दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में बढ़ते सैन्यीकरण और तनाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। हालांकि, संयुक्त बयान में किसी देश का सीधे नाम नहीं लिया गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह चीन की विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है। साथ ही, ईरान और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को वैश्विक व्यापार के लिए अनिवार्य बताया गया।

​चीन की चेतावनी

क्वाड की बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय ने अपनी पुरानी नाराजगी दोहराई है। बीजिंग ने चेतावनी दी कि क्षेत्रीय सहयोग का उद्देश्य किसी तीसरे पक्ष को निशाना बनाना नहीं होना चाहिए और ‘ब्लॉक पॉलिटिक्स’ से बचना चाहिए। चीन का कहना है कि ऐसे गठबंधन क्षेत्रीय विश्वास को कमजोर कर सकते हैं।

कूटनीति से रणनीतिक केंद्र तक का सफर

​दिल्ली में हुई यह उच्चस्तरीय बैठक संकेत देती है कि क्वाड अब केवल एक कूटनीतिक मंच से कहीं अधिक, वैश्विक रणनीतिक संतुलन (Strategic Balance) का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की मेजबानी में हुई इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी की मौजूदगी ने स्पष्ट कर दिया है कि इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए चारों देश पूरी तरह एकजुट हैं।