प्रयागराज में बड़ा हादसा: सिविल लाइन्स के 4 मंजिला बिट्ठल होटल में लगी भीषण आग, हाइड्रोलिक मशीन से किया गया 12 लोगों का रेस्क्यू

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प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के सबसे पॉश और व्यस्ततम व्यावसायिक इलाके सिविल लाइंस में सोमवार दोपहर उस समय भीषण हड़कंप और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब यहां स्थित एक प्रतिष्ठित चार मंजिला ‘बिट्ठल होटल’ में अचानक भीषण और विकराल आग लग गई। यह आग इतनी तीव्र गति से फैली कि कुछ ही मिनटों के भीतर होटल की ऊपरी मंजिलों पर दमघोंटू घना काला धुआं छा गया और इमारत से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। सरेराह हुए इस भयानक हादसे को देखकर पूरे सिविल लाइंस इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

​ट्रांसफार्मर ब्लास्ट के बाद लकड़ी के इंटीरियर ने पकड़ी आग, शॉर्ट सर्किट की भी आशंका

​मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, होटल के बिल्कुल समीप लगे बिजली के एक भारी-भरकम ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार तकनीकी खराबी के कारण भयंकर धमाका हुआ, जिसके बाद वहां आग की लपटें उठने लगीं। हालांकि, आग लगने की वास्तविक और पुख्ता वजह अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस और विद्युत विभाग की प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को भी इस अग्निकांड का एक संभावित और बड़ा कारण माना जा रहा है। ट्रांसफार्मर से उठी चिंगारियों ने सबसे पहले होटल के बाहरी हिस्से को अपनी चपेट में लिया और देखते ही देखते पूरी इमारत इसकी जद में आ गई।

​गाजियाबाद के सैलानी अरुण शर्मा ने बचाई सबकी जान, कमरा नंबर 306 की इनसाइड स्टोरी

इस भीषण आपदा के बीच एक बड़ी सूझबूझ की कहानी भी सामने आई, जिसने कई जिंदगियों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। होटल के कमरा नंबर 306 में ठहरे गाजियाबाद के सैलानी अरुण शर्मा ने आंखों देखा हाल बयां करते हुए बताया कि वे दोपहर में कमरे में मौजूद थे, तभी अचानक उन्हें बाहर एक बेहद तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। खतरे को भांपते हुए जब वे तुरंत नीचे की तरफ भागे, तो उन्होंने देखा कि बगल के बिजली ट्रांसफार्मर से उठी भीषण आग की लपटें तेजी से होटल की मुख्य इमारत की तरफ बढ़ रही थीं।

अरुण शर्मा ने बिना एक भी पल गंवाए तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया और होटल के गलियारों में भागकर वहां ठहरे अन्य सभी मेहमानों और कर्मचारियों को समय रहते पूरी तरह अलर्ट किया। उनके इस क्विक रिस्पॉन्स की बदौलत होटल के कमरों में आराम कर रहे लोग वक्त रहते बाहर की तरफ भाग सके और एक बहुत बड़ा व दर्दनाक हादसा होने से टल गया।

​8 दमकल गाड़ियों ने संभाली कमान, जान पर खेलकर आग बुझाने में झुलसे सीएफओ सतीश चंद्र

घटना की लाइव सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड (अग्निशमन दल) की 8 गाड़ियां भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने फायर टेंडरों की मदद से आग पर काबू पाने और अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जिस वक्त आग लगी, उस समय होटल के भीतर करीब 12 से अधिक लोग फंसे हुए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने बेहद सूझबूझ के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

​इस दौरान राहत और बचाव अभियान का अग्रिम मोर्चे पर नेतृत्व कर रहे मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सतीश चंद्र आग बुझाने के कड़े प्रयास में खुद झुलस गए। आग की तपन से उनका हाथ गंभीर रूप से झुलसने के बाद तत्काल मौके पर ही तैनात मेडिकल टीम द्वारा उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

आधा होटल जलकर राख, पुलिस ने किया ट्रैफिक डायवर्ट: डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य

इस भीषण और विनाशकारी अग्निकांड में होटल की मुख्य लॉबी में खड़ी दो मोटरसाइकिलें (बाइक) पूरी तरह से जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गईं। इसके साथ ही, होटल का आधे से ज्यादा हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मम्फोर्डगंज निवासी आलोक परमार के इस प्रतिष्ठित होटल में करीब 20 से 25 आलीशान कमरे हैं, जिन्हें भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा है। आग की लपटों और घने काले धुएं के गुबार ने पूरे आसमान को ढक लिया था, जिससे आसपास की दुकानों में मौजूद लोग बुरी तरह घबरा गए। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय पुलिस ने पूरे सिविल लाइंस इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और मुख्य मार्ग पर यातायात (ट्रैफिक) को तुरंत डायवर्ट कर दिया गया।

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने आधिकारिक बयान में बताया कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। शुरुआती जांच के मुताबिक, आग सबसे पहले होटल के पास स्थित बिजली के ट्रांसफार्मर में लगी थी, जिसकी चिंगारी ने पूरे होटल को अपनी जद में ले लिया। उन्होंने राहत व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि समय रहते होटल के मुस्तैद स्टाफ और सभी मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिसके चलते इतने बड़े अग्निकांड में कोई जनहानि या कैजुअल्टी नहीं हुई है।