मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावल के सुप्रसिद्ध और विख्यात संत श्रद्धेय प्रेमानंद महाराज की तबीयत अचानक काफी ज्यादा बिगड़ गई है। स्वास्थ्य कारणों और डॉक्टरों की सलाह के चलते महाराज जी ने अपनी बेहद लोकप्रिय ‘रात्रि पदयात्रा’ को अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह से स्थगित कर दिया है।
इसके साथ ही आश्रम प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आगामी आदेश तक महाराज जी के ‘एकांतिक दर्शन’ भी आम श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। इस खबर के सामने आने के बाद देश और दुनिया भर से वृंदावन पहुंचे उनके लाखों अनुयायियों और श्रद्धालुओं में गहरी मायूसी और चिंता की लहर दौड़ गई है।
तड़के 3 बजे नहीं निकले महाराज, शिष्यों ने लाउडस्पीकर से दी जानकारी
हमेशा की तरह रविवार की देर रात और सोमवार तड़के हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाराज जी के दर्शन पाने और उनकी एक झलक पाने की आस में केली कुंज आश्रम के बाहर और सड़कों पर डेरा डाले हुए थे। लेकिन हर दिन की तरह जब रात के ठीक 3:00 बजे प्रेमानंद महाराज अपनी नियमित पदयात्रा पर बाहर नहीं निकले, तो भक्तों के बीच व्याकुलता बढ़ने लगी। कुछ ही देर बाद महाराज जी की जगह उनके प्रमुख शिष्य बाहर आए और उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से समूचे क्षेत्र में खड़े श्रद्धालुओं को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
केली कुंज आश्रम के शिष्यों द्वारा किया गया आधिकारिक अनाउंसमेंट:
“आप सभी श्रद्धालुओं से करबद्ध निवेदन है कि पूज्य महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण आज की रात्रि पदयात्रा को रद्द किया जा रहा है। कृपया आप सभी रोड के किनारे खड़े होकर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।”
आश्रम की इस अचानक घोषणा के बाद रात में जाग रहे हजारों भक्तों को बिना महाराज जी के दर्शन किए ही बेहद भारी और मायूस मन से वापस लौटना पड़ा। केली कुंज आश्रम प्रशासन के मुताबिक, पूज्य महाराज जी पिछले 21 वर्षों से भी अधिक समय से किडनी की बेहद गंभीर समस्या (क्रॉनिक किडनी डिजीज) से ग्रसित हैं और उनका नियमित डायलिसिस होता है।
“राधा-रानी से प्रार्थना है कि महाराज जी जल्द ठीक हों” — भावुक हुए श्रद्धालु
देश के कोने-कोने से आए भक्तों का हुजूम वृंदावन की गलियों में अपने आराध्य संत के स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित दिखा और लोग राधा-रानी से उनके जल्द स्वस्थ होने की मन्नतें मांगते नजर आए।
बाराबंकी से आए श्रद्धालु राजू गुप्ता ने नम आंखों से बताया “हम लोग बहुत दूर से केवल महाराज जी के दर्शन की आस में आए थे, लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि उनके खराब स्वास्थ्य के कारण दर्शन नहीं हो पाएंगे। हम सब लोग श्री राधा-रानी के चरणों में यही प्रार्थना करते हैं कि महाराज जी का स्वास्थ्य जल्द से जल्द ठीक हो जाए, ताकि हम सबको फिर से उनके दर्शन और सान्निध्य का सौभाग्य मिल सके।”
पुष्पा गुप्ता ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा “मैं अपने पूरे परिवार और बच्चों के साथ केवल महाराज जी की पदयात्रा देखने आई थी, लेकिन दुख है कि दर्शन नहीं हो पाए। अब दोबारा कब से दर्शन करने का मौका मिलेगा, आश्रम की तरफ से अभी इसकी कोई निश्चित जानकारी नहीं दी गई है।”
श्रद्धालु कृति गुप्ता ने भावुक होकर कहा “मेरी किशोरी जी से यही करुण प्रार्थना है कि महाराज जी जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएं, जिससे हम जैसे लाखों लोग फिर से उनके पावन दर्शन कर अपने जीवन को कृतार्थ कर सकें।”
रोजाना डेढ़ किलोमीटर पैदल चलते हैं प्रेमानंद महाराज, उमड़ती है लाखों की भीड़
उल्लेखनीय है कि संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों रोज रात ठीक 3:00 बजे अपने केली कुंज आश्रम से निकलते हैं और वहां से सौभरी वन के लिए प्रस्थान करते हैं। इस दौरान वे लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय करते हैं। महाराज जी के इस ‘पदयात्रा दर्शन’ का लाभ उठाने के लिए देश-विदेश से हर रात हजारों की संख्या में भक्त सड़कों के दोनों ओर घंटों पहले से कतारों में खड़े हो जाते हैं।
आम दिनों की बात करें तो यह संख्या औसतन 20 हजार के आसपास होती है, लेकिन वीकेंड (शनिवार और रविवार) पर दर्शन करने वाले भक्तों की यह तादाद कई गुना बढ़कर लाखों में पहुंच जाती है। वहीं, सनातन धर्म के बड़े पर्वों और त्योहारों के विशेष अवसरों पर वृंदावन की सड़कों पर 3 लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं का रेला महाराज जी के दर्शन के लिए उमड़ पड़ता है। फिलहाल महाराज जी के अस्वस्थ होने के बाद आश्रम ने सभी से संयम बनाए रखने और महाराज जी के उत्तम स्वास्थ्य के लिए मानसिक जप करने की अपील की है।


