संस्कारों की संजीवनी है ‘हमारे बुजुर्ग – हमारी धरोहर’: पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने सराहा लीडर्स आगरा का अभियान

स्थानीय समाचार

आगरा: ताजनगरी की प्रेरणादायी शख्सियतों और संयुक्त परिवार की गौरवशाली परंपरा को समर्पित पुस्तक ‘हमारे बुजुर्ग – हमारी धरोहर’ की गूँज अब राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘लीडर्स आगरा’ परिवार द्वारा प्रकाशित इस कृति की भारत सरकार के पूर्व मंत्री और झांसी के पूर्व सांसद प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने जमकर सराहना की है।

​सांस्कृतिक विरासत का सम्मान

बीते दिनों आगरा प्रवास के दौरान लीडर्स आगरा परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सुनील जैन, राहुल जैन, रौबिन जैन और सुनील बग्गा ने उन्हें इस विशेष पुस्तक की प्रति भेंट कर उनका अभिनंदन किया। यह पुस्तक मात्र कागजों का संकलन नहीं है, बल्कि इसमें आगरा की उन वरिष्ठ विभूतियों के जीवन का निचोड़, उनके संघर्षों की कहानी और समाज के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान का विस्तृत विवरण दर्ज है।

पूर्व मंत्री का भावुक संदेश

पुस्तक का अवलोकन करने के बाद प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने इस प्रयास को समय की मांग बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब आधुनिकता की चकाचौंध में संयुक्त परिवार की परंपराएं बिखर रही हैं, तब यह पुस्तक समाज में एक सकारात्मक और रचनात्मक क्रांति लाने का काम करेगी। उन्होंने पंचम काल का संदर्भ देते हुए कहा कि माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति संवेदनाओं को जीवित रखने के लिए ऐसी पुस्तकों का अध्ययन अनिवार्य है।

संस्कारों को समर्पित एक अभियान

लीडर्स आगरा परिवार के सदस्यों ने इस भेंट के दौरान स्पष्ट किया कि ‘हमारे बुजुर्ग – हमारी धरोहर’ केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान है। इसका मुख्य लक्ष्य नई पीढ़ी को यह समझाना है कि हमारे बुजुर्गों का अनुभव और उनके संस्कार ही हमारी असली पूंजी हैं। इस पुस्तक के माध्यम से युवाओं को अपने पूर्वजों के जीवन मूल्यों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।