अंबेडकरनगर हत्याकांड: पति के ‘सौतन’ लाने से टूटी ममता, मां ने ही 4 मासूमों को मौत के घाट उतारा

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अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक मां, जिसे बच्चों का रक्षक माना जाता है, उसी पर अपने चार मासूम बच्चों की नृशंस हत्या का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, इस कत्लेआम की वजह घरेलू कलह और पति द्वारा विदेश में दूसरी शादी करना बताया जा रहा है। घटना के बाद से आरोपी महिला फरार है और पुलिस की छह टीमें उसकी तलाश में खाक छान रही हैं।

​धोखे और दूरी ने बदल दिया ममता का स्वरूप

महरुआ थाना क्षेत्र के कसड़ा गांव का निवासी नियाज सऊदी अरब में नौकरी करता है। अकबरपुर के मीरानपुर में उसने अपनी पत्नी गासिया खातून (34) के लिए मकान बनवाया था, जहाँ वह अपने चार बच्चों शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और बेटी सादिया (8) के साथ रहती थी।

जांच में पता चला कि नियाज ने सऊदी में एक पाकिस्तानी महिला से दूसरा निकाह कर लिया था और वह चार साल से घर नहीं लौटा था। इसी धोखे और मानसिक तनाव ने गासिया को खूनी कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

खून से सने बिस्तर और सन्नाटा

वारदात का खुलासा शनिवार दोपहर तब हुआ जब नियाज के कहने पर उसकी भाभी घर पहुँची। घर अंदर से बंद था, जिसके बाद पुलिस बुलाई गई। पुलिस जब पहली मंजिल की बालकनी से दाखिल हुई, तो नजारा रूह कंपा देने वाला था। तख्त पर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ पड़े थे। कमरे की दीवारों और फर्श पर चारों तरफ खून के छींटे थे।

​साजिश के तहत हत्या की आशंका

एसपी प्राची सिंह के मुताबिक, बच्चों के शवों के पास मिले निशानों से अंदेशा है कि हत्या से पहले उन्हें भोजन में जहर दिया गया था। इसके बाद किसी भारी वस्तु से उनके सिर पर प्रहार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया गया। पुलिस को बालकनी के नीचे टूटी हुई चूड़ियां और खून के धब्बे मिले हैं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि गासिया हत्या के बाद बालकनी से कूदकर फरार हो गई।

​कानूनी कार्रवाई और पुलिस की छापेमारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी और डीएम समेत तमाम बड़े अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। पुलिस ने नियाज के भाई की तहरीर पर गासिया के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। गासिया के मायके पक्ष के लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है ताकि यह साफ हो सके कि बच्चों को जहर दिया गया था या नहीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या गासिया ने इस खौफनाक वारदात को अकेले अंजाम दिया या कोई और भी इसमें शामिल था।