अनुभव निधि आश्रम: बुजुर्गों के ‘अकेलेपन’ को ‘उमंग’ में बदलने के 5 साल बेमिसाल, वार्षिकोत्सव में उमड़े समाजसेवी

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बुजुर्गों की सेवा नेक और पुनीत कार्य, इससे अच्छा दुनिया में कुछ नहीं: विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह

अगर आपके आसपास कोई अनुभवी सीनियर सिटीजन रिश्तों की भीड़ में भी अकेलापन झेल रहे, तो उन्हें अनुभव निधि का रास्ता दिखाएँ : विजय खन्ना

आगरा। बुजुर्गों का अकेलापन दूर कर, उनके अनुभवों की निधि से समाज को लाभान्वित कर रहे अनुभव निधि आश्रम का पंचम वार्षिकोत्सव रविवार शाम उजरई- हाथरस रोड स्थित आश्रम परिसर में धूमधाम से मनाया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि विधायक धर्मपाल सिंह और विशिष्ट अतिथि आई नेक्स्ट के संपादक अखिल दीक्षित ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।

अनुभव निधि आश्रम के हरे भरे प्राकृतिक रमणीक वातावरण, फूलों-फलों और औषधियों से वातावरण को दिव्यता प्रदान करते पेड़-पौधों, 40 गोवंश की सेवा, नियमित योग, प्राथमिक चिकित्सा, भगवान की पूजा और सत्संग के साथ यहाँ निवासित नारायण व नारायणी के लिए उनके अनुभव के आधार पर स्वावलंबन योजना में उनकी सहभागिता से समाज के स्वास्थ्य हेतु शुद्ध उत्पाद उपलब्ध कराने की पहल को सबकी सराहना मिली।

मुख्य अतिथि विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने अनुभव निधि आश्रम की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा नेक और पुनीत कार्य है। इससे अच्छा दुनिया में कुछ नहीं।

विशिष्ट अतिथि दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के संपादक अखिल दीक्षित ने सीनियर सिटीजंस को दैनिक जीवन की सभी सुविधाएँ निशुल्क प्रदान करते हुए उनका अकेलापन दूर करके उनके अनुभवों की निधि से समाज को लाभान्वित करने की अनूठी पहल को मुक्त कंठ से सराहा। उन्होंने कहा कि अनुभव निधि आश्रम 5 वर्षों में सेवा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन का पर्याय और अनूठा उदाहरण बन गया है।

अध्यक्ष विजय खन्ना (रोम संस), मुख्य सेवक सीए गोविंद प्रसाद अग्रवाल, उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल (एकता बिल्डर) और कोषाध्यक्ष विनय सिंघल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. संजय बंसल ने किया।

34 हवादार कमरे तैयार, 17 नारायण-नारायणी रह रहे, 60 का है इंतजार

अनुभव निधि आश्रम के अध्यक्ष विजय खन्ना (रोम संस) ने बताया कि वर्ष 2022 में जब राष्ट्रीय संत श्री विजय कौशल जी महाराज ने आश्रम का उद्घाटन किया था, तब आठ कमरों का निर्माण हुआ था। वर्तमान में लैट्रिन बाथरूम अटैच 34 हवादार कमरे तैयार हैं और आगे और कमरे भी बनाये जाएँगे जिससे कि यहाँ 300 लोग निवास कर सकें। एक भव्य देवालय का निर्माण भी विचाराधीन है। गौसेवा हेतु विशाल भूसा भंडार का निर्माण कार्य भी चल रहा है ।

उन्होंने कहा कि अगर आपके आसपास कोई बुजुर्ग हैं जो अपना जीवन काटना नहीं बल्कि उत्साह और उमंग के साथ जीना चाहते हैं तो उन्हें अपना अनुभव बाँटने हमारे पास भेज दीजिए।

अनूठी है श्रवण कुमार योजना

उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल (एकता बिल्डर) ने बताया कि अनुभव निधि आश्रम में श्रवण कुमार के नाम से एक अनूठी योजना संचालित है, जिसके तहत बच्चे अपने माता पिता को अस्थायी निवास के लिए आश्रम पर छोड़कर निश्चिन्त होकर पर्यटन, चिकित्सा आदि के लिए जा सकते हैं और लौटकर उन्हें अपने साथ ले जा सकते हैं। यहाँ ऐसे माता पिता के निवास की भी सुंदर व्यस्था है जिनके बच्चे दूर देश-विदेश में दूर जाकर बस गए हैं ।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बिखरी इंद्रधनुषी छटा

वार्षिक उत्सव के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारतीय संस्कृति की इंद्रधनुषी छटा बिखेरी और सनातन मूल्यों के साथ बड़े बुजुर्गों की सेवा का अनुपम संदेश दिया।
अन्नपूर्णा महिला समिति ने रामायण के केवट प्रसंग पर आधारित नाटिका और कान्हा जी के भजनों पर समूह नृत्य से समाँ बाँध दिया। श्रीमती आशा खन्ना, अंजू सिंघल, रेखा अग्रवाल, मीरा अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, मीनाक्षी अग्रवाल, निर्मल गुप्ता, रीता जैन, सपना गर्ग, दिनेश भाटिया, शगुन अग्रवाल, मान्या अग्रवाल, निकिता बंसल, शिप्रा अग्रवाल और स्नेहिल अग्रवाल ने प्रमुख भूमिका का निर्वाह किया।

सरस्वती विद्या मंदिर, कमला नगर के संगीत शिक्षक प्रवीन शर्मा के निर्देशन में विजेंद्र, दिनेश शर्मा और छात्र अंश गुप्ता ने अपने भजनों और गीत-संगीत से सभी को भाव-विभोर कर दिया। छात्र अंश गुप्ता की आवाज में इन पंक्तियों ने सबको भावुक कर दिया-” यह तो सच है कि भगवान है। है मगर फिर भी अनजान है। धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है.. ”

सैकड़ों समाजसेवी रहे शामिल

वार्षिक उत्सव में आगरा और आसपास के सैकड़ों गणमान्य समाज सेवी शामिल रहे। इनमें विवेक मोहन, राजेश अग्रवाल (रसोई रत्न), पूर्व पार्षद ताराचंद मित्तल, सीए एस के अग्रवाल, संतोष गुप्ता (नवोदय गैस), प्रमोद सिंघल, रंगेश त्यागी, उमेश अग्रवाल (एससीडीसी), योगेंद्र सिंघल, हेमेंद्र अग्रवाल (चुनमुन भाई), अनुराधा भाटिया, संजय गोयल (स्पीड) और डॉ. राधेश्याम गर्ग प्रमुख रहे।