वृंदावन: धर्मनगरी वृंदावन के केसी घाट पर शुक्रवार अपराह्न हुए दिल दहला देने वाले स्टीमर हादसे के बाद यमुना की लहरों में अभी भी मौत और जिंदगी की जंग जारी है। हादसे के छह घंटे बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन थमा नहीं है। शुरुआती जांच में 30 लोगों के डूबने की बात कही गई थी, लेकिन प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार स्टीमर पर 27 श्रद्धालु सवार थे। अब तक 10 तीर्थयात्रियों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 12 को सुरक्षित बचा लिया गया है। शेष 5 श्रद्धालुओं की तलाश में सेना और एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं।
मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
दोपहर करीब 2:45 बजे हुए इस हादसे ने पूरे ब्रज को हिलाकर रख दिया है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लापता लोगों के बचने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या 15 तक पहुँच सकती है। अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन में बाधा आ रही थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर भारी फ्लड लाइटों की व्यवस्था की है।
सेना, NDRF और गोताखोरों का संयुक्त अभियान
हादसे की भयावहता को देखते हुए मथुरा जिलाधिकारी और एसएसपी ने तुरंत मोर्चा संभाला।।गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम विशेष उपकरणों के साथ पहुँची है।राहत कार्य में तेजी लाने के लिए भारतीय सेना के जवानों को भी मैदान में उतारा गया है।
यूपी के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ और मंडलायुक्त मौके पर डटे हुए हैं और पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं।
लुधियाना से आए श्रद्धालुओं के जत्थे में मातम
यह हादसा उस समय हुआ जब पंजाब के लुधियाना से आया श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था यमुना में नौका विहार कर रहा था। खुशियों के साथ ब्रज दर्शन करने आए इन परिवारों के लिए यह सफर एक कभी न भूलने वाली त्रासदी में बदल गया। अस्पताल में भर्ती 12 लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है, जिनसे पूछताछ कर मृतकों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
हादसे की खबर फैलते ही केसी घाट पर हजारों की भीड़ जमा हो गई। लोग अपनों की तलाश में रोते-बिलखते नजर आए। भीड़ के कारण एम्बुलेंस और बचाव दल को रास्ता देने में दिक्कतें आईं, जिसके बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर भीड़ को नियंत्रित किया।

