आगरा: ताजनगरी में रसोई गैस की किल्लत झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ग्रीन गैस लिमिटेड ने शहर में गैस आपूर्ति और नए कनेक्शनों की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्णय लिया है। ‘नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स’ (आगरा) के सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन पहले से मौजूद है, वहां आवेदन के महज 15 दिनों के भीतर गैस चालू कर दी जाएगी।
तीन माह में 25,000 नए कनेक्शन का लक्ष्य
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में ग्रीन गैस के अधिकारियों ने अपनी भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया। डीजीएम समित पांडे ने बताया कि अगले 3 महीनों के भीतर 25,000 नए उपभोक्ताओं को पीएनजी (PNG) कनेक्शन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार की मंशा स्वच्छ ईंधन को हर घर तक पहुंचाने की है, जिसके लिए नियमों को बेहद सरल बनाया जा रहा है।
पाइपलाइन का जाल और वर्तमान स्थिति
बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, आगरा में अब तक 2700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। वर्तमान में शहर के लगभग 76,000 घरों में ग्रीन गैस का सुरक्षित उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जहाँ पाइपलाइन बिछी है, वहां आवेदन के बाद निरीक्षण की औपचारिकता पूरी होते ही 15 से 20 दिनों में गैस की आपूर्ति शुरू कर दी जाती है।
व्यापारिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
नागरिक सुविधा एवं ग्रीन गैस प्रकोष्ठ के चेयरमैन सीताराम अग्रवाल के संचालन में हुई इस चर्चा में औद्योगिक क्षेत्रों का मुद्दा भी उठा। ग्रीन गैस के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि नुनिहाई और फाउंड्री नगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में यदि कॉमर्शियल कनेक्शन की मांग आती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा किया जाएगा।
बैठक में मौजूद रहे दिग्गज
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रीन गैस की ओर से एजीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता, विजय कुमार सिंह और किशन सिंह मौजूद रहे। वहीं चैम्बर की ओर से उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल सहित पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल और राजीव अग्रवाल ने भी अपने सुझाव रखे।
पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ग्रीन गैस का यह विस्तार न केवल सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि आगरा के पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

