बाबा साहेब की विरासत को भव्य रूप देगी योगी सरकार; प्रदेश की हर आंबेडकर प्रतिमा पर लगेगा ‘छत्र’, पार्कों का होगा सुंदरीकरण

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​गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर दलित और वंचित समाज के उत्थान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। गोरखपुर के रामलीला मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और संगठन मिलकर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की विरासत को नई भव्यता प्रदान करेंगे।

प्रतिमाओं पर ‘छत्र’ और परिसरों का कायाकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जहां-जहां भी बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, सरकार उन पर सम्मान स्वरूप ‘छत्र’ लगवाएगी। इसके साथ ही, जिन पार्कों में उनकी मूर्तियां लगी हैं, वहां बाउंड्री वॉल का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा और पूरे परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।

सीएम ने स्पष्ट किया कि यह सम्मान केवल डॉ. आंबेडकर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं के आसपास भी प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता और सुंदरीकरण कार्य कराए जाएंगे।

​13 और 14 अप्रैल को विशेष अभियान

आगामी आंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) को देखते हुए भाजपा ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। 13 अप्रैल को प्रदेशभर में बूथ स्तर पर आंबेडकर प्रतिमाओं और पार्कों में विशेष ‘स्वच्छता अभियान’ चलाया जाएगा। इसमें पार्टी के कार्यकर्ता स्वयं श्रमदान कर स्थलों को स्वच्छ बनाएंगे।

​14 अप्रैल को जयंती के पावन अवसर पर सभी प्रतिमाओं पर भव्य पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से इस अभियान की तस्वीरें और सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की है।

​पदयात्रा से ‘डबल इंजन’ की योजनाओं का प्रचार

स्थापना दिवस से लेकर 14 अप्रैल तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि हर क्षेत्र में 1 से 2 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाए। इस पदयात्रा का उद्देश्य ‘डबल इंजन’ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “जैसे गंदगी बीमारी फैलाती है, वैसे ही ‘राजनीतिक गंदगी’ समाज का अहित करती है, जिसे साफ करना भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।”

​विपक्ष को नसीहत और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा देश की सांस्कृतिक और वैधानिक विरासत का सम्मान करना जानती है और इसका अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे हर चुनौती का डटकर मुकाबला करें। सीएम के इन ऐलानों को आगामी चुनावों से पहले दलित समाज के बीच पैठ मजबूत करने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।