आगरा। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की आगरा इकाई ने एक बार फिर अपनी अटूट एकता और सांगठनिक मजबूती का परिचय दिया है। जनपद के करीब 90 प्रधानाचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित निर्वाचन कार्यक्रम में नरेंद्र कुमार लवानिया को लगातार तीसरी बार निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुनकर उनके नेतृत्व पर मुहर लगाई गई। वहीं, शिक्षा जगत के अनुभवी हस्ताक्षर डॉ. मोहम्मद जमीर को जिला महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षा की गुणवत्ता और अधिकारों पर मंथन
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) बी.पी. सिंह और वरिष्ठ शिक्षाविदों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, शिक्षण स्तर में सुधार और प्रधानाचार्यों व शिक्षकों के हितों की रक्षा करना रहा।
भरोसे की जीत: तीसरी बार मिली कमान
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक और सर्वसम्मति के माहौल में संपन्न हुई। नरेंद्र कुमार लवानिया के पिछले कार्यकाल के कार्यों को देखते हुए सभी सदस्यों ने एक स्वर में उन्हें पुनः अध्यक्ष पद के लिए चुना। अपनी जीत पर आभार व्यक्त करते हुए लवानिया ने कहा कि यह जीत उनकी नहीं, बल्कि संगठन के हर सदस्य के विश्वास की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे शिक्षकों के मान-सम्मान और अधिकारों के लिए सदैव संघर्षरत रहेंगे।
नया जोश और नई जिम्मेदारियां
नवनियुक्त जिला महामंत्री डॉ. मोहम्मद जमीर ने संगठन को डिजिटल युग की जरूरतों के हिसाब से सशक्त बनाने का संकल्प लिया। संगठन के विस्तार के लिए एक 7 सदस्यीय प्रभावी कार्यकारिणी का भी गठन किया गया है। इसमें मुकेश शर्मा, डॉ. अनिल वशिष्ठ, डॉ. ममता शर्मा, डॉ. एस.के. सिंह और डॉ. अतुल जैन जैसे वरिष्ठ शिक्षाविदों को विशेष दायित्व सौंपे गए हैं।
सम्मान और स्वागत का संगम
यह कार्यक्रम केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रिश्तों की डोर को भी मजबूत किया गया। जहाँ एक ओर सेवानिवृत्त शिक्षक सुनील सिंह, नवीन मैसी और अंजलि को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर संध्या, मनोज, प्रतिष्ठा, संजय गर्ग और जगदीश समेत दर्जनों नवनियुक्त प्रधानाचार्यों का गर्मजोशी से स्वागत कर उन्हें संगठन की मुख्यधारा से जोड़ा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन मुकेश शर्मा और डॉ. जमीर ने संयुक्त रूप से किया।

