लोकसभा में गूंजी ब्रज की आवाज: सांसद राजकुमार चाहर ने उठाई ‘स्पेशल पैकेज’ की मांग, TTZ बाधाओं पर जताई चिंता

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नई दिल्ली/आगरा। फतेहपुर सीकरी के सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने लोकसभा में ब्रज क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए हुंकार भरी है। वित्त वर्ष 2025-26 के अनुपूरक अनुदानों की मांगों पर चर्चा के दौरान सांसद ने आगरा और मथुरा सहित पूरे ब्रज क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की। उन्होंने दो टूक कहा कि टीटीजेड (TTZ) और एनजीटी (NGT) की कड़ी शर्तों के कारण इस क्षेत्र का औद्योगिक विकास थम गया है, जिसके लिए केंद्र को हस्तक्षेप कर विशेष रास्ता निकालना होगा।

​ब्रज पर्यटन सर्किट: आगरा से धौलपुर तक जोड़ने का खाका

​सांसद चाहर ने सदन में एक वृहद ‘ब्रज पर्यटन सर्किट’ का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि आगरा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बटेश्वर, भरतपुर और धौलपुर को एक सूत्र में पिरोकर विकसित किया जाए। उनका तर्क है कि यदि इन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक एकीकृत सर्किट के रूप में प्रमोट किया जाता है, तो न केवल विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई संजीवनी मिलेगी।

​आईटी हब और फूड प्रोसेसिंग पर जोर

​सांसद ने आगरा की पहचान केवल पर्यटन तक सीमित न रखने की वकालत की। उन्होंने मांग की कि:

​आगरा को आईटी हब (IT Hub) के रूप में विकसित किया जाए।

​क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा दिया जाए ताकि आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस और धौलपुर के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।

​फतेहपुर सीकरी की विश्व प्रसिद्ध दरियों और स्थानीय हस्तशिल्प को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएं।

​’गरीब की थाली और किसान की लागत’ सरकार की प्राथमिकता

संसदीय चर्चा के दौरान राजकुमार चाहर ने केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देना दुनिया की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि एक किसान पुत्र होने के नाते वे जानते हैं कि वैश्विक स्तर पर खाद की कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकार ने सब्सिडी बढ़ाकर किसानों पर बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने बजट को केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं का दर्पण बताया।

TTZ की बाधाओं को दूर करने की अपील

​सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समन्वय बनाकर ब्रज क्षेत्र की भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों (TTZ/NGT) का समाधान निकाला जाए। उन्होंने विशेष पैकेज की मांग करते हुए कहा कि ब्रज की सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक क्षमता के बीच संतुलन बनाकर ही इस क्षेत्र का असली विकास संभव है।