वाराणसी/अहमदाबाद: भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को आईसीसी मेन्स टी-20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त देकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस महामुकाबले में भारत ने कीवियों को 96 रनों से हराकर तीसरी बार विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पूरा देश जश्न के सागर में डूब गया है।
अहमदाबाद में खिलाड़ियों का शौर्य, न्यूजीलैंड पस्त
खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उनके फैसले को गलत साबित कर दिया। आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 256 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों की सधी हुई लाइन-लेंथ के आगे ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम महज 159 रनों पर सिमट गई।
भारत के नाम हुए तीन महा-रिकॉर्ड
इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं:
भारत टी-20 विश्व कप को तीन बार जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है।
इतिहास में पहली बार किसी टीम ने लगातार दो बार (Back-to-Back) यह खिताब अपने नाम किया है।
टी-20 विश्व कप के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब मेजबान देश ने ही ट्रॉफी जीती हो।
कप्तान सूर्या के गांव में दिवाली, काशी बनी मिनी स्टेडियम
जीत की खबर मिलते ही कप्तान सूर्यकुमार यादव के पैतृक गांव ‘हथौड़ा’ (वाराणसी) में दिवाली जैसा माहौल हो गया। ग्रामीणों ने जमकर पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं। सूर्या के दादा विक्रम यादव ने भावुक होते हुए कहा, “आज पूरे परिवार और देश के लिए गर्व का दिन है, हमें अपने पोते पर नाज है।” वहीं सूर्या के चाचा राज कपूर ने टीम की सफलता के लिए मार्कण्डेय महादेव धाम में विशेष पूजन भी किया।
आध्यात्मिक नगरी काशी के गिरजाघर चौराहे से लेकर बीएचयू और लंका तक उत्सव का माहौल रहा। गिरजाघर चौराहे पर बड़ी एलईडी स्क्रीन के सामने हजारों की भीड़ ‘इंडिया-इंडिया’ के नारों के साथ झूमती रही। लोगों ने सड़कों पर तिरंगा यात्रा निकाली और ढोल-नगाड़ों की थाप पर देर रात तक जश्न मनाया।

