इस्लामाबाद: मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी सैन्य जंग का असर अब दक्षिण एशिया तक पहुंच गया है। सुरक्षा कारणों और हवाई क्षेत्र में बढ़ते जोखिम को देखते हुए पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) को आंशिक रूप से बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। यह पाबंदी 3 मार्च से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिसके कारण पाकिस्तान में विमानन सेवाओं का संकट खड़ा हो गया है।
कराची और लाहौर रूट्स पर पाबंदी
पाकिस्तान की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने ‘नोटिस टू एयरमेन’ (NOTAM) जारी करते हुए बताया कि कराची और लाहौर के कुछ प्रमुख एटीएस (ATS) रूट सेगमेंट परिचालन कारणों से बंद रहेंगे। आदेश के अनुसार, रोजाना सुबह 09:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक (पीक आवर्स) इन रूट्स पर कमर्शियल उड़ानों की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, अथॉरिटी ने इसके पीछे किसी विशिष्ट हमले के खतरे का जिक्र नहीं किया है, लेकिन इसे मध्य पूर्व के तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
300 से ज्यादा उड़ानें रद्द, यात्री परेशान
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और उसके बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पाकिस्तान में अब तक 300 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। अकेले पिछले 24 घंटों में दुबई, दोहा, अबू धाबी, मस्कट, शारजाह और कुवैत जैसे शहरों के बीच चलने वाली करीब 184 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सोमवार को कराची एयरपोर्ट पर 32 और लाहौर में 22 उड़ानें कैंसिल होने से हजारों यात्री फंस गए हैं।
खाड़ी देशों में फंसे लोग
शनिवार को शुरू हुए इस संघर्ष के बाद खाड़ी के कई अन्य देशों ने भी अपने हवाई क्षेत्र को एहतियातन बंद कर दिया है। विमानों को उतरने और उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में भारतीय और पाकिस्तानी प्रवासी खाड़ी देशों के हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। पीएए ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन्स से फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
भारत पर भी पड़ सकता है असर
पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस बंद किए जाने का असर उन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ सकता है जो भारतीय शहरों से पश्चिम की ओर जाने के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करती हैं। इससे उड़ानों का समय बढ़ सकता है और हवाई किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका है।

