हापुड़: मजदूर पति ने खून-पसीना एक कर पत्नी को बनाया ‘दरोगा’, वर्दी मिलते ही पत्नी ने पति और ससुराल पर ठोंका दहेज का केस

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हापुड़। जनपद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह के बाद पति के सहयोग से दरोगा बनी पत्नी ने ही पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। इस कार्रवाई से आहत पति ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रेम विवाह से विवाद तक का सफर

कोतवाली पिलखुवा क्षेत्र के गांव पूठा हुसैनपुर निवासी गुलशन ने बताया कि वह सेना में भर्ती होने का सपना देखता था। जीविका के लिए दिन में मजदूरी करता और रात में पढ़ाई करता था। इसी दौरान वर्ष 2016 में उसकी दोस्ती कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला गणेशपुरा निवासी पायल रानी से हुई। दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदली और दोनों ने साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।

गुलशन के अनुसार, वर्ष 2021 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। बाद में परिजनों को जानकारी होने पर आपसी सहमति से दिसंबर 2022 में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया।

दरोगा भर्ती के बाद बढ़ी दूरी

गुलशन का कहना है कि उसने शादी के बाद पत्नी को हर स्तर पर सहयोग दिया। इसी सहयोग का परिणाम रहा कि वर्ष 2023 में पायल रानी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की दरोगा भर्ती परीक्षा पास कर ली। इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन यह ज्यादा दिन नहीं टिक सका।

आरोप है कि नौकरी लगने के बाद पत्नी का व्यवहार बदलने लगा। व्यस्तता और दूसरी जगह पोस्टिंग के चलते दोनों के बीच मुलाकातें कम हो गईं, जो धीरे-धीरे मनमुटाव में बदल गईं। परिचितों ने कई बार समझौते का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी।

दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज

गुलशन ने बताया कि उसकी पत्नी पायल रानी वर्तमान में हाफिजगंज थाना में तैनात है। आरोप है कि 13 नवंबर 2025 को उसने कुंवर ज्ञानंजय सिंह से मुलाकात कर पति और उसके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। एसपी के निर्देश पर गुलशन और उसके परिवार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पति ने मांगी निष्पक्ष जांच

मुकदमा दर्ज होने के बाद गुलशन ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि आरोप पूरी तरह निराधार हैं और पुलिस विभाग में तैनात पत्नी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह कार्रवाई कराई है।

फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।