आगरा के गोकुलपुरा में संपन्न हुआ 66वां गणेश महोत्सव: “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ नम आंखों से दी गई सिद्धि विनायक को विदाई

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आगरा: ताजनगरी के गोकुलपुरा स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन श्री सिद्धिविनायक मंदिर में चल रहे 66वें भव्य गणेश महोत्सव का समापन शुक्रवार को भारी श्रद्धा और भावुक माहौल के बीच संपन्न हो गया। “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ…” के गगनभेदी जयकारों के साथ भक्तों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से कैलाश घाट पर भगवान गणपति की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही 12 दिवसीय इस पावन पर्व का समापन हुआ।

विसर्जन यात्रा से ठीक पूर्व सिद्धिविनायक मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इसके तहत भगवान गणेश जी का मोदक (लड्डू) और पवित्र दुर्वा घास के साथ सहस्त्रर्चन किया गया, जिसके पश्चात पूर्णाहुति के साथ हवन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें शहरभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया।

1008 दीपकों से हुई भव्य महाआरती

शाम को प्रतिमा विसर्जन यात्रा आरंभ होने से पहले मंदिर में एक अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब 1008 दीपकों की जगमगाहट के बीच गणपति प्रतिमा की महाआरती उतारी गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर दीपों के प्रकाश और मंत्रोच्चार से जगमगा उठा। महाआरती के उपरांत पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप और गगनभेदी जयकारों के साथ भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई, जो गोकुलपुरा से होते हुए कैलाश घाट तक पहुंची।

कैलाश घाट पर पहुंचकर मंदिर के महंत पंडित मनीष शर्मा के सानिध्य और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद उपस्थित सभी भक्तों ने नम आंखों और भारी हृदय से विघ्नहर्ता गणेश जी की प्रतिमा को यमुना नदी में विसर्जित किया और अगले वर्ष फिर से आने की प्रार्थना की।

​इस पावन और भावनात्मक अवसर पर पुनीत वर्मा, वैभव शर्मा, यश पंडित, अतुल गौतम, कुणाल गौतम, आशु अग्रवाल, विजय यादव, शत्रुजीत, समर और समीर सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य गणपति भक्त मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ इस धार्मिक पर्व में अपनी सहभागिता निभाई।