पाकिस्‍तान से बोले 22 देश, रूस के हमले पर UN में निंदा प्रस्ताव का समर्थन करे

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यूरोपीय संघ के देशों समेत 22 देशों के शीर्ष राजनयिकों ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वो संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस के हमले की निंदा प्रस्ताव का समर्थन करे.

बीते सप्ताह रूस की सेना जिस दिन यूक्रेन में दाख़िल हुई तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान मॉस्को में थे और उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की थी.
पाकिस्तान ने इस हमले को लेकर चिंता जताई थी लेकिन उसने इसकी निंदा नहीं की थी.

22 देशों के राजनयिकों ने एक साझा बयान में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान में मिशन के प्रमुख होने के नाते हम मांग करते हैं कि रूस की कार्रवाई की निंदा में पाकिस्तान में हमारे साथ आए.”

इस साझा बयान में यूरोपीय संघ के सदस्य देश फ़्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इटली, पुर्तगाल, पोलैंड, स्पेन, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम समेत ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, नॉर्वे और ब्रिटेन भी शामिल हैं.

193 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस सप्ताह मॉस्को की कार्रवाई के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पेश किया जाएगा.
इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव के ख़िलाफ़ रूस ने वीटो का प्रयोग किया था.

अमेरिका ने यूक्रेन के लिए अब तक क्या-क्या किया?

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मंगलवार की रात अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका के फ़ैसलों से देश और संसद को अवगत कराया.
उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत अपनी और अन्य देशों की विदेश नीति से की.

यूक्रेन पर रूस के हमले को सात दिन हो चुके हैं. आइये जानते हैं इस दौरान यूक्रेन की मदद के लिए अमेरिका ने क्या कुछ किया है:

5 करोड़ डॉलर के हथियार यूक्रेन को दिए
5.4 करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता जारी की
चुनिंदा रूसी बैंकों को वैश्विक स्विफ़्ट मैसेजिंग सिस्टम से हटाया

रूसी केंद्रीय बैंक को रूबल को बचाने से रोका

ओलिगार्क (रूस के कुलीन तंत्र के सदस्य या समर्थक) की संपत्ति को ज़ब्त करने के लिए ट्रांस-अटलांटिक टास्क फ़ोर्स में शामिल

रूसी विमानों और रूस से संचालित विमानों के लिए अमेरिकी हवाई क्षेत्र को बंद किया

व्हाइट हाउस ने संसद से अगले कुछ महीनों के लिए आपातकालीन सहायता के लिए अतिरिक्त 6.4 अरब डॉलर की मांग की.

हालांकि बाइडन ने यह भी बताया कि यूक्रेन में रूस से लड़ाई के लिए अमेरिका अपनी सेना नहीं भेजेगा.

रूस के सभी विमानों के अमेरिका आने पर रोक

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने संसद को संबोधित करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि रूस की सभी उड़ानें अब अमेरिकी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी.
उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि इन रूसी उड़ानों में सभी प्रकार की कमर्शियल और प्राइवेट उड़ानें शामिल हैं.
इसी तरह का क़दम पहले ही यूरोपीय राष्ट्र और कनाडा उठा चुके हैं.

बाइडन ने कहा है कि यह प्रतिबंध रूस को और अलग-थलग करेगा और उसकी अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डालेगा.
उन्होंने यह भी बताया कि रूसी मुद्रा रूबल और स्टॉक मार्केट पहले ही अपनी वैल्यू 30 से 40 फ़ीसदी गंवा चुके हैं.
राष्ट्रपति बाइडन ने अमेरिकियों से यूक्रेनी लोगों से प्रेरणा लेने को भी कहा.
उन्होंने कहा,“पुतिन टैंक्स से कीएव को ज़रूर घेर सकते हैं लेकिन वो कभी भी यूक्रेनी लोगों के दिलों को नहीं जीत पाएंगे.”

बाइडन की पुतिन को चेतावनी, तानाशाह क़ीमत चुकाता है

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा है कि अमेरिका और नेटो ने दिखाया है कि यूक्रेन के साथ पश्चिम एकजुटता से खड़ा है.

उन्होंने कहा कि इतिहास दिखाता है कि ‘जब तक तानाशाह अपने हमले की क़ीमत नहीं चुकाता तब तक वो और अराजकता पैदा करता है.’

“हम हालात ठीक होते देखेंगे, जब इतिहास लिखा जाएगा तो यूक्रेनके ख़िलाफ़ पुतिन का युद्ध रूस को और कमज़ोर करेगा और दुनिया को और मज़बूत करेगा.”

उन्होंने कहा, “छह दिन पहले रूस के व्लादिमीरपुतिन ने आज़ाद दुनिया की नींव को हिलाना चाहा. उन्होंने सोचा कि वो अपने ख़तरनाक तरीक़ों से इसे झुका सकते हैं. लेकिन उन्होंने इसका ग़लत आंकलन किया.”

बाइडन ने अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और यूक्रेनी नागरिकों की तारीफ़ की. उन्होंने उन्हें निडर, बहादुर बताते हुए कहा कि वो दुनिया को प्रेरित कर रहे हैं.

-एजेंसियां