फिल्म ‘कैप्टन इंडिया’ फंसी विवाद में, फिल्म रोकने को कोर्ट जाएंगे निर्माता सुभाष काले

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मुंबई। फिल्म निर्माता रॉनी स्क्रूवाला व इसके स‍हन‍िर्माता हरमन बावेजा की नई फिल्म ‘कैप्टन इंडिया’ को लेकर विवाद हो गया है। पोस्टर से सामने आ रही फिल्म ‘ऑपरेशन राहत’ की कहानी है जो जनरल वी के सिंह के नेतृत्व में यमन में चलाया गया था जबक‍ि इसी कहानी पर ‘ऑपरेशन यमन’ नाम की एक फिल्म पहले से बन रही है।

कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘कैप्टन इंडिया’ के निर्देशक के रूप में हंसल मेहता का नाम घोषित किया गया है। इसे संयोग ही कह सकते हैं कि जिस दिन हंसल मेहता का अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के समर्थन में बयान आया है, उसी दिन उनकी अगली फिल्म पर ये आरोप लगा है कि ‘कैप्टन इंडिया’ की कहानी किसी दूसरी फिल्म की है। मामला फिल्म निर्माताओं की संस्था इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और लेखकों की संस्था स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन तक पहुंच चुका है। स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन में ‘ऑपरेशन यमन’ नाम की जो पटकथा पंजीकृत हुई है उसके निर्माता सुभाष काले बताए जाते हैं और इस फिल्म से मशहूर फिल्म एडीटर संजय सांकला बतौर निर्देशक अपना करियर शुरू करने वाले हैं। सुभाष काले ने फिल्म ‘कैप्टन इंडिया’ को रोकने के लिए अदालत की शरण लेने की भी बात कही है।

सुभाष काले का नाम मुंबई में उनके स्पेशल इफेक्ट्स स्टूडियो के लिए काफी चर्चित है। उनके पास एनीमेशन और पोस्ट प्रोडक्शन की लेटेस्ट तकनीक बताई जाती है। काले का इरादा फिल्म ‘ऑपरेशन यमन’ के लिए हवाई जहाज और यमन शहर के तमाम वर्चुअल सेट बनाने का रहा है और इस पर वह काम भी शुरू कर चुके हैं। पिछले पांच साल से इस फिल्म पर काले के दफ्तर में काम चलता रहा है। बताया ये भी जाता है कि फिल्म ‘मिशन मंगल’ की लेखक निधि सिंह धरमा भी इस फिल्म की लेखन टीम से जुड़ी है। फिल्म की पटकथा पर साल भर से काम चल रहा है और इसके पूरे होने के बाद ये कहानी हिंदी सिनेमा के अक्षय कुमार, बोमन ईरानी और परेश रावल जैसे दिग्गज कलाकारों  को सुनाई भी जा चुकी है।

शुक्रवार को ही निर्माता रॉनी स्क्रूवाला ने डिजिटल मनोरंजन जगत की पहली वेब सीरीज बनाने का एलान किया था। देशभक्ति और जासूसी फिल्मों की कहानियों को लगातार पढ़ते रहे रॉनी की अपनी कंपनी आरएसवीपी के लिए ये पहली सीरीज भी जासूसी रोमांचक कहानियों पर आधारित बताई जा रही है। सीरीज का नाम रखा गया है, ‘पैंथर्स’ और जानकारी के मुताबिक इसमें भारत चीन युद्ध के बाद भारत पाकिस्तान के बीच हुए दूसरे युद्ध के बीच भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के अफसरों के कारनामे दिखाए जाएंगे। लेकिन, अब निर्माता सुभाष काले को लगता है कि उनकी ‘ऑपरेशन यमन’ की कहानी भी किसी ने जासूसी करके दूसरों तक पहुंचा दी है। हालांकि उनका दावा ये भी है कि ये काम उनकी टीम में से किसी का नहीं है।

-एजेंसी