आगरा। ताजनगरी में इस बार होली का जश्न केवल रंगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शराब की बिक्री ने भी सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, होली के त्यौहार के दौरान महज तीन दिनों के भीतर आगरा के शौकीनों ने करीब 38 करोड़ रुपये की शराब गटक ली। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है।
होली के दिन हुई सबसे बड़ी ‘निकासी’
आबकारी विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा भीड़ 1 और 2 मार्च को देखने को मिली। इन दो दिनों में ही करीब 37 करोड़ रुपये की शराब दुकानों से बिकी। चौंकाने वाली बात यह है कि अकेले होली वाले दिन यानी 2 मार्च को लगभग 24 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई, जो इस पूरे सीजन का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
शहर में विदेशी, तो देहात में ‘देसी’ का बोलबाला
त्योहार के दौरान मांग का असर केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं था। ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की खपत ने विभाग को हैरान कर दिया है। देहात के कस्बों और गांवों में देसी शराब की सबसे अधिक मांग रही। होली की सुबह से ही ग्रामीण इलाकों की दुकानों पर लंबी कतारें देखी गईं, जिससे स्टॉक की भारी खपत हुई।
आबकारी विभाग की मुस्तैदी
बिक्री के इस भारी दबाव को देखते हुए आबकारी विभाग ने पहले ही पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया था। विभाग की विशेष टीमों ने अवैध शराब और तस्करी को रोकने के लिए पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान भी चलाया।
अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित किया गया कि उपभोक्ताओं को केवल लाइसेंसी दुकानों से ही प्रमाणित शराब उपलब्ध हो सके।
राजस्व में भारी उछाल
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, हर साल होली पर बिक्री बढ़ती है, लेकिन इस बार 25% की वृद्धि ने राजस्व के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभाग अब अंतिम आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है ताकि विभिन्न ब्रांड्स और श्रेणियों (देसी, विदेशी और बीयर) की सटीक खपत का पता लगाया जा सके।

