आगरा की शारदा यूनिवर्सिटी में ‘सनातन शंखनाद 2026’ की धूम: ‘रहस्य बैंड’ की भजन क्लबिंग पर जमकर झूमे युवा

विविध

आगरा। आगरा के कीठम स्थित शारदा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव – सनातन शंखनाद 2026’ में सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और युवा ऊर्जा का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। राष्ट्र निर्माण एवं छात्र कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस भव्य महोत्सव में केंद्रीय राज्यमंत्री व आगरा सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल और कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे।

दोनों मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए अतिथियों ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका और सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण पर बल दिया।

​समारोह में साध्वी प्रज्ञा भारती की विशेष उपस्थिति ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इस महोत्सव का मुख्य ध्येय युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हुए उनमें राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना रहा।

​’रहस्य बैंड’ की भजन क्लबिंग बनी महोत्सव का मुख्य आकर्षण

​‘सनातन शंखनाद 2026’ का सबसे खास और चर्चित आकर्षण ‘भजन क्लबिंग’ (Bhajan Clubbing) रहा। इसमें मशहूर ‘रहस्य बैंड’ (Rahasya Band) की लाइव प्रस्तुति ने पूरे प्रांगण में जबरदस्त उत्साह और उमंग भर दी। पारंपरिक भक्ति भजनों को आधुनिक वाद्ययंत्रों और नए दौर की धुनों के साथ पिरोकर प्रस्तुत किया गया, जिसे देख युवा मंत्रमुग्ध हो गए।

​आमतौर पर क्लबिंग कल्चर में पाश्चात्य संगीत का प्रभाव अधिक देखा जाता है, लेकिन ‘भजन क्लबिंग’ के इस अभिनव प्रयोग के जरिए भारतीय आध्यात्मिक संगीत को युवाओं की आधुनिक पसंद के अनुसार पेश किया गया। इस अनूठे प्रयोग का परिसर में मौजूद छात्र-छात्राओं ने जमकर आनंद लिया और भजनों की धुनों पर जमकर थिरके।

​अतिथियों का सम्मान व आयोजकों की उपस्थिति

​समारोह के दौरान डॉ. सुरेश चव्हाणके को भी शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. सुरेंद्र सिंह शिवाज, वाइस चांसलर प्रो. डॉ. परमानंद तथा श्री नवीन गौतम सहित आयोजन समिति के तमाम पदाधिकारी व सदस्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस बहुआयामी महोत्सव ने भक्ति, संगीत और युवा ऊर्जा के अद्भुत समन्वय से अपनी एक अमिट छाप छोड़ी।