युवा उद्यमी अहमद इरफान: स्किलमाइज़ के जरिए डिजिटल लर्निंग को नई दिशा देने की ओर बढ़ता एक विज़न

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नई दिल्ली। भारत में तेजी से बदलती डिजिटल इकॉनमी ने सीखने, काम करने और आगे बढ़ने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। इसी बदलाव के बीच युवा उद्यमी अहमद इरफान ने स्किलमाइज़ प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से डिजिटल लर्निंग और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में एक आधुनिक और फ्यूचर-फोकस्ड प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

अहमद इरफान उन युवा उद्यमियों में शामिल हैं, जो बिजनेस को केवल एक कमर्शियल ऑपर्च्युनिटी के रूप में नहीं, बल्कि लंबे समय तक वैल्यू क्रिएट करने वाले इकोसिस्टम के रूप में देखते हैं। स्किलमाइज़ के पीछे भी उनकी सोच एक ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित करने की है, जो बदलती दुनिया के अनुरूप लोगों को नई और प्रासंगिक स्किल्स सीखने के अवसर प्रदान करे।

एक विचार से शुरू हुई स्किलमाइज़ की यात्रा

स्किलमाइज़ की नींव इस विचार पर रखी गई कि आज के कॉम्पिटिटिव एनवायरनमेंट में केवल एकेडमिक नॉलेज पर्याप्त नहीं है। टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशन और बिजनेस के बदलते स्वरूप के साथ प्रैक्टिकल और डिजिटल स्किल्स की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।

इसी आवश्यकता को समझते हुए अहमद इरफान ने स्किलमाइज़ को ऐसे लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में आगे बढ़ाने का विज़न बनाया, जहां लर्निंग को सरल, एक्सेसिबल और कंटेम्परेरी बनाया जा सके।

उनका मानना है कि आने वाले समय में किसी व्यक्ति की ग्रोथ इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वह बदलती टेक्नोलॉजी और मार्केट रिक्वायरमेंट्स के साथ खुद को कितनी तेजी से अपग्रेड कर पाता है।

आधुनिक और प्रासंगिक स्किल्स पर फोकस

स्किलमाइज़ के माध्यम से डिजिटल मार्केटिंग, पर्सनल ब्रांडिंग, कम्युनिकेशन, फाइनेंस, डेटा साइंस, बिजनेस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों से जुड़े लर्निंग प्रोग्राम्स पर काम किया जा रहा है।

इसके पीछे सोच केवल कोर्सेज की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे विषयों को प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनाना है, जिनकी रिलिवेंस आज की डिजिटल-फर्स्ट इकॉनमी में लगातार बढ़ रही है।

स्किलमाइज़ अपने लर्निंग एक्सपीरियंस को भी समय के साथ अधिक स्ट्रक्चर्ड और इंटरैक्टिव बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें डिजिटल लर्निंग के साथ प्रैक्टिकल अंडरस्टैंडिंग, ट्रेनिंग और इंटरैक्शन को महत्व दिया जा रहा है।

अहमद इरफान की सोच—बड़ा बनने से पहले बेहतर बनना जरूरी

अहमद इरफान की एंटरप्रेन्योरियल फिलॉसफी में लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की सोच महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

उनका कहना है, “आज ऑपर्च्युनिटीज की कमी नहीं है, लेकिन हर ऑपर्च्युनिटी का लाभ केवल वही व्यक्ति उठा सकता है, जो सीखने और खुद को लगातार अपग्रेड करने के लिए तैयार हो। स्किलमाइज़ के साथ हमारा प्रयास ऐसा एनवायरनमेंट तैयार करने का है, जहां लर्निंग सिर्फ कंटेंट तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों की सोच और कैपेबिलिटीज को भी आगे बढ़ाए।”

उनके अनुसार, किसी भी ऑर्गनाइजेशन की लॉन्ग-टर्म पहचान केवल उसकी ग्रोथ से नहीं, बल्कि उसके द्वारा क्रिएट की गई वैल्यू से बनती है।

टेक्नोलॉजी और लर्निंग के बीच मजबूत संबंध बनाने की तैयारी

स्किलमाइज़ के भविष्य के रोडमैप में टेक्नोलॉजी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। कंपनी लर्निंग एक्सपीरियंस को अधिक सीमलेस, ऑर्गनाइज्ड और यूजर-सेंट्रिक बनाने की दिशा में अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर ध्यान दे रही है।

अहमद इरफान का विज़न स्किलमाइज़ को केवल कोर्सेज के कलेक्शन के रूप में स्थापित करने के बजाय एक ऐसे डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने का है, जहां अलग-अलग इंटरेस्ट्स और एम्बिशन्स वाले लोग अपने लिए रिलिवेंट लर्निंग ऑपर्च्युनिटीज खोज सकें।

युवा सोच के साथ लंबी यात्रा का लक्ष्य

अहमद इरफान का मानना है कि एंटरप्रेन्योरशिप में तेजी से आगे बढ़ने से ज्यादा महत्वपूर्ण सही दिशा में लगातार आगे बढ़ना है। इसी कारण उनका फोकस स्किलमाइज़ को शॉर्ट-टर्म ट्रेंड्स के बजाय लॉन्ग-टर्म विज़न के साथ विकसित करने पर है।

आने वाले समय में कंपनी नए लर्निंग प्रोग्राम्स, बेहतर टेक्नोलॉजी, स्ट्रक्चर्ड लर्निंग एक्सपीरियंस और अपने डिजिटल इकोसिस्टम के विस्तार की दिशा में काम करने की योजना बना रही है।

“हम स्किलमाइज़ को सिर्फ आज के लिए नहीं बना रहे। हमारा विज़न एक ऐसा ब्रांड तैयार करना है, जो आने वाले वर्षों में लर्निंग, स्किल्स और ग्रोथ के साथ अपनी एक अलग पहचान बनाए,” अहमद इरफान कहते हैं।

युवा लीडरशिप, डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच और लॉन्ग-टर्म विज़न के साथ आगे बढ़ रहे अहमद इरफान और स्किलमाइज़ की कोशिश अब एक ऐसे लर्निंग ब्रांड के निर्माण की है, जिसकी पहचान केवल उसके कोर्सेज से नहीं, बल्कि उसके विज़न और वैल्यू क्रिएशन से हो।