विश्व दृष्टि दिवस: स्क्रीन टाइम आंखें खराब करने के साथ बना रहा बीमार

Health

आगरा के जिला अस्पताल में विश्व दृष्टि दिवस (World Sight Day 2023) मनाया गया। इस अवसर पर विचार गोष्ठी व एक विशेष कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने आंखों की समस्यों को लेकर लोगों को जागरूक किया और आंखों को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी। इस अवसर पर यह दिवस को क्यों मनाया जाता है, इसकी भी जानकारी दी गयी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएमएस आगरा मौजूद रही।

जानकारी के लिए बता दें सन 1970 के दशक के मध्य में सर जॉन विल्सन जो कि एक ब्लाइंड एक्टिविस्ट थे।उन्होंने और कई डॉक्टरों ने मिलकर एक अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान वैश्विक अंधेपन की समस्या की ओर आकर्षित किया। इन लोगों की वजह से 1 जनवरी 1975 को इंटरनेशनल एजेंसी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (IAPB) का गठन किया गया। इसके पहले संस्थापक अध्यक्ष सर जॉन विल्सन को बनाया गया।

2023 की थीम ‘लव योर आइज़’

विश्व दृष्टि दिवस 2023 की थीम ”लव योर आइज़” है। पिछले साल भी इसी को थीम रखा गया था। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (IAPB) ने ये घोषणा की थी, कि इस साल की भी थीम पिछले साल की थीम की तरह “लव योर आइज़” होगी।

स्क्रीन टाइम लोगों को बना रहा बीमार

विचार गोष्ठी के दौरान चिकित्सकों ने लोगों द्वारा अधिक समय स्मार्टफोन या लैपटॉप पर बिताने पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अधिकतर काम ऑनलाइन होने लगे हैं और इसकी वजह से लोगों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है। बड़ी तादाद में लोग दिनभर स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, जिसका बुरा असर उनकी आंखों पर पड़ता है। डॉक्टर मानते हैं कि स्क्रीन आई हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है। लोगों को स्मार्टफोन और लैपटॉप का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आंखों को हेल्दी रखा जा सके। हालांकि आजकल की जिंदगी में इन चीजों का इस्तेमाल अत्यधिक होने लगा है। इसकी वजह से लोगों को आंखों की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों की आंखों का किया परीक्षण

इस दौरन नेत्र चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों का परीक्षण किया साथ ही उन्हें आंखों को हेल्दी रखने के लिए परामर्श भी दिया। चिकित्सकों ने बताया कि इस समय आंखों के दर्द और मोतियाबिंद के मरीज अधिक आ रहे है।