काम ठप, तनाव और फिर समझौता: आगरा की जूता फैक्टरियों में मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़े कारीगर, 5 घंटे बाद बनी सहमति

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आगरा: ताजनगरी के जूता उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र मिढ़ाकुर में मंगलवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बड़ा गतिरोध देखने को मिला। थाना किरावली और बिचपुरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली दो प्रमुख जूता फैक्टरियों में सुबह होते ही सैकड़ों कारीगरों ने अचानक काम बंद कर हड़ताल का बिगुल फूंक दिया। सुबह 9 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया और फैक्टरी परिसर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

अनदेखी से भड़का मजदूरों का गुस्सा

आंदोलनकारी कारीगरों का आरोप था कि वे लंबे समय से अपनी मेहनत के बदले उचित मानदेय की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन लगातार उनकी जरूरतों को अनसुना कर रहा था। धैर्य का बांध टूटने पर मंगलवार को मजदूरों ने मशीनों के पहिये रोक दिए और परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने बड़ा रूप ले लिया, जिससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।

​प्रशासनिक हस्तक्षेप और मैराथन वार्ता

बिगड़ते हालात और औद्योगिक सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम सदर सचिन राजपूत और एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव समेत एसीपी अछनेरा, एसीपी लोहामंडी और एसीपी सैंया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कई थानों की फोर्स ने मोर्चा संभाला ताकि हिंसा की कोई संभावना न रहे। अधिकारियों ने पहले मजदूरों का पक्ष सुना और फिर फैक्टरी प्रबंधन के साथ लंबी पंचायत की।

दोपहर को लौटा कामकाज का पहिया

करीब पांच घंटे तक चले भारी तनाव और संवाद के बाद अंततः फैक्टरी प्रबंधन ने मजदूरों की जायज मांगों को स्वीकार करते हुए मानदेय बढ़ाने का औपचारिक आश्वासन दिया। प्रबंधन के इस कदम के बाद कारीगरों का गुस्सा शांत हुआ और दोपहर 2 बजे के बाद फैक्टरी की रौनक फिर लौटी। एसीपी अछनेरा शैलेंद्र कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है।