आगरा: ताजनगरी के प्रतिष्ठित आगरा कॉलेज के वाणिज्य विभाग द्वारा ‘चार्टर्ड अकाउंटेंसी: भविष्य और संभावनाएं’ विषय पर एक विशेष करियर काउंसलिंग संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सीए (CA) के क्षेत्र में छिपे वैश्विक अवसरों, आर्थिक मजबूती और इस पेशे की गरिमा से रूबरू कराया गया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि सीए की डिग्री केवल एक नौकरी का जरिया नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का एक गौरवशाली मार्ग है।
₹36 लाख का पैकेज और उम्र की कोई सीमा नहीं
मुख्य अतिथि सीए विवेक अग्रवाल ने छात्रों में जोश भरते हुए कहा कि इस क्षेत्र में सफलता के लिए केवल समर्पण की आवश्यकता है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि वर्ष 2024 में सीए के क्षेत्र में अधिकतम ₹36 लाख और औसतन ₹12 लाख का सालाना पैकेज मिला है। उन्होंने 20 वर्षीय नंदिनी अग्रवाल और 71 वर्षीय ताराचंद अग्रवाल का उदाहरण देते हुए साबित किया कि इस पेशे में उम्र नहीं, बल्कि आपकी प्रतिभा और जुनून मायने रखता है।
77 साल का बेदाग इतिहास: ‘नो पेपर लीक’
विशिष्ट वक्ता सीए अजय जैन ने ICAI (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) की विश्वसनीयता पर प्रकाश डाला। उन्होंने गर्व से बताया कि सीए एक्ट 1949 के तहत स्थापित इस संस्था के 77 वर्षों के इतिहास में आज तक एक भी प्रश्नपत्र (Paper) लीक नहीं हुआ है। उन्होंने छात्रों को जानकारी दी कि वे 12वीं के तुरंत बाद इस पारदर्शी प्रणाली का हिस्सा बन सकते हैं।
दुनिया के 15 देशों में मान्यता और किफायती पढ़ाई
वाइस चेयरमैन सीए आयुष गोयल ने बताया कि भारतीय सीए की डिग्री को दुनिया के लगभग 15 देशों में मान्यता प्राप्त है। कार्यक्रम में इस कोर्स की कुछ खासियतों पर चर्चा हुई:
किफायती शिक्षा: लगभग 4 साल के इस कोर्स की कुल फीस मात्र ₹77,000 के करीब है।
कमाई के साथ पढ़ाई: आर्टिकलशिप के दौरान छात्रों को ₹5,000 से ₹7,000 प्रति माह स्टाइपेंड भी मिलता है।
पूर्ण पारदर्शिता: इस पाठ्यक्रम में कोई आरक्षण नहीं है, यहाँ केवल कड़ी मेहनत और योग्यता ही सफलता का आधार है।
विभागाध्यक्ष और प्राचार्य का मार्गदर्शन
संगोष्ठी का सफल संचालन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने की। इस अवसर पर प्रो. अमित अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. ज्योत्सना शर्मा, डॉ. नीरज मनचंदा सहित विभाग के सभी शिक्षक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

